अयोध्या। ज्येष्ठ मास की पूर्णिमा पर रामनगरी में अपने दोस्तों के साथ सरयू में स्नान कर रहा युवक नदी में डूब गया। उसके साथ दो लोग और भी डूब रहे थे, जिन्हें गोताखोरों ने बचा लिया। घटना के बाद आक्रोशित परिवारीजनों ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए अयोध्या-गोंडा मार्ग जाम कर दिया तथा वाहनों में तोड़फोड़ की। इसके बावजूद घटनास्थल पर कोई आला अफसर नहीं पहुंचा। करीब तीन घंटे तक मार्ग जाम रहा। डूबे युवक का शव मिलने के बाद लोग शांत हुए।
तारुन नंसा बाजार निवासी पवन कसौधन का पुत्र शिवांशु कसौधन (18) मंगलवार को सुबह अपने दो दोस्तों विपिन व गुड्डू के साथ अयोध्या में सरयू में स्नान कर रहा था। इसी बीच तीनों डूबने लगे। स्थानीय गोताखोरों ने विपिन व गुड्डू को तो बचा लिया, लेकिन शिवांशु नदी में समा गया। सूचना पर पुलिस पहुंची और गोताखोरों की सहायता से शव की तलाश शुरू कराई। शिवांशु नाका फैजाबाद में किराये पर कमरा लेकर एसएससी की तैयारी कर रहा था। मंगलवार को सरयू स्नान के दौरान ये हादसा हुआ। इस बीच नदी के किनारे बैठे पुलिस के कुछ जिम्मेदार कर्मियों द्वारा सेल्फी लेने की हरकत पर नदी में डूबे हुए युवक के परिवारीजन और ग्रामीण नाराज हो गए तथा हंगामा शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने अयोध्या-गोंडा मार्ग जाम कर दिया। इस दौरान सरयू घाट पर खड़ी बोलरो में भी तोड़फोड़ की गई। सीओ अयोध्या राजकुमार साव, कोतवाली प्रभारी विनोद बाबू मिश्र, थाना रामजन्मभूमि प्रभारी अजीत प्रताप सिंह सहित अन्य पुलिस बल मौके पर पहुंचा और आक्रोशित लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे शांत नहीं हुए तथा प्रशासन के विरोध में नारेबाजी की। गोताखोरों ने करीब पांच घंटे बाद डूबे युवक का शव बरामद कर लिया, जिसके बाद आक्रोशित लोग शांत हुए।
तीन घंटे जाम में फंसे रहे श्रद्धालु व राहगीर
सरयू में युवक के डूबने के बाद आक्रोशित लोगों ने अयोध्या-गोंडा मार्ग जाम कर दिया। जिसके चलते पुराने सरयू पुल पर वाहनों की कतारें लग गईं। भीषण गर्मी में करीब तीन घंटे ज्येष्ठ पूर्णिमा पर अयोध्या दर्शन-पूजन करने आए श्रद्धालु लोगों को जाम से जूझना पड़ा। यही नहीं कई बाइक सवारों के साथ आक्रोशित लोगों ने मारपीट भी की। इस पर प्रशासन ने दोनों तरफ से आवागमन रोक दिया।