बहराइच। सांसद सावित्री बाई फुले ने एक बार फिर अपनी ही सरकार को निशाने पर लिया है। सांसद ने कहा कि देश में लोकतंत्र खतरे में है। बोलीं- यह मैं नहीं कह रही, बल्कि ऐसा सर्वोच्च अदालत के न्यायाधीश कह रहे हैं। उन्होंने कहा कि बहुजन समाज के उत्पीड़न के खिलाफ वे 15 मई को कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन करेंगी।
भाजपा सांसद सावित्री बाई फुले ने शनिवार को पत्रकार वार्ता में कहा कि बहुजन समाज को प्रताड़ित किया जा रहा है। आरक्षण को खत्म कर संविधान में संशोधन की बात कही जा रही है। इसके खिलाफ वह नमो बुद्धाय समिति अक्षयबर कनौजिया के साथ रैली कर बहुजन समाज को जागरूक करने का काम कर रही हैं।
सांसद ने कहा कि मोतीपुर थाना क्षेत्र में डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा को अराजकतत्वों ने तोड़ दिया था। प्रशासन ने प्रतिमा लगवाई। मगर दलितों के साथ धोखा कर डॉ. अंबेडकर से मिलती जुलती शक्ल की किसी और की प्रतिमा को लगा दी। इन सभी मुद्दों को लेकर वे 15 मई को कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन करेंगी।
जिन्ना को महापुरुष बताकर कुछ गलत नहीं किया
सांसद ने कहा कि आजादी में जिन लोगों ने योगदान दिया, उनका सम्मान होना चाहिए। जिन्ना भी महापुरुष थे। यह बात कहकर कुछ गलत नहीं किया है। सांसद ने चुनाव से पहले भाजपा छोड़े जाने को लेकर पूछे सवाल पर कहा कि चुनाव आने पर उनका नामांकन भी होगा और चुनाव चिन्ह भी स्पष्ट हो जाएगा।