पंचायती राज सचिव ने कोतवाली, सीएचसी व काशीपुर गांव का किया निरीक्षण
सिधौली (सीतापुर)। नगर के सीएचसी की ओपीडी में मरीजों की बेहद कम संख्या देख और रजिस्टर पर बीमारी का ब्यौरा दर्ज न किए जाने पर पंचायती राज सचिव ने गहरी नाराजगी जताई। महिला सर्जन के केन्द्र पर न रुकने को लेकर उनका पारा चढ़ गया।
सीएचसी अधीक्षक को कार्य में सुधार के निर्देश दिए। कोतवाली का निरीक्षण करने के बाद सचिव ने काशीपुर गांव में विकास कार्यों का स्थलीय सत्यापन भी किया। इस दौरान एडीओ (कृषि) किसान क्रेडिट कार्डों की संख्या नहीं बता पाए। इस पर सचिव ने एडीओएजी को कड़ी फटकार लगाई।
पंचायती राज सचिव राजमणि यादव बुधवार को सबसे पहले कोतवाली पहुंचे। कोतवाली में मालखाना, बंदीगृह, कंप्यूटर कक्ष आदि का बारीकी से निरीक्षण किया। यहां दस्तावेजों के बेहतर रखरखाव व साफ-सफाई से वह संतुष्ट नजर आए। फिर वह सीएचसी पहुंचे।
सीएचसी में उन्होंने ओपीडी पंजिका का अवलोकन कर प्रतिदिन आने वाले मरीजों की कम संख्या पर वह हैरान रह गए। दो दंत चिकित्सकों, महिला सर्जन सहित कुल 10 चिकित्सकों की तैनाती के बावजूद प्रतिदिन की ओपीडी में मात्र 9-10 मरीजों को देखे जाने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए सीएचसी अधीक्षक डा. अनिल शर्मा को सुधार किए जाने के निर्देश दिए।
महिला सर्जन डा. अमिता त्रिपाठी द्वारा केंद्र पर न रुकने व अधिक संख्या में केंद्र से गर्भवती महिलाओं को रेफर किए जाने पर उनका पारा चढ़ गया। सचिव ने कहा कि जल्द कार्यों में सुधार नहीं होने पर कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद पंचायती राज सचिव ने सिधौली ब्लॉक के काशीपुर गांव का निरीक्षण किया।
यहां शौचालय, सड़क, राशन कार्ड, प्रधानमंत्री आवास योजना, जननी सुरक्षा योजना इत्यादि के बारे में ग्रामीणों से जानकारी प्राप्त की। गांव में 83 पीएम आवास स्वीकृत हैं। इनमें से 73 बन चुके हैं। जबकि 10 निर्माणाधीन हैं। उन्होंने अपूर्ण आवासों को जल्द पूर्ण किए जाने के निर्देश दिए।
प्रधान ने बताया कि यहां 353 शौचालय बने हैं। जबकि हाल में 18 स्वीकृत हुए हैं। निरीक्षण के दौरान एडीओ (कृषि) विनोद कुमार से गांव में बने किसान क्रेडिट कार्डों की संख्या पूछी। एडीओ के संख्या न बता पाने से उन्हें कड़ी फटकार लगाई।
इस मौके पर सीएमओ डा. आर के नैय्यर, पीडी राजेश त्रिपाठी, डीपीआरओ उपेंद्र राज, एसडीएम किंशुक श्रीवास्तव, तहसीलदार सर्वरीश मिश्र, कोतवाली प्रभारी आमोद रंजन चौधरी मौजूद थे।