बाराबंकी। फतेहपुर जनपद में अवैध खनन मामले में चार अफसरों के निलंबन की कार्रवाई के बाद जिले में भी पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों में अफरा-तफरी मची रही। खनन से संबंधित मामलों को लेकर बृहस्पतिवार को पूरे दिन डीएम व एसपी कार्यालयों में अभिलेखों की जांच चलती रही। एसपी ने सभी थाना प्रभारियों को चेतावनी देकर कहा है कि यदि किसी की खनन में संलिप्तता मिली तो उसका निलंबन तय है। उधर, जिले की रामसनेहीघाट व सिरौलीगौसपुर तहसील क्षेत्र में खनन बंद होने के बाद भी बालू डंप की आड़ में अवैध बालू खनन हो रहा है। ऐसे में फतेहपुर जिले में हुई कार्रवाई के बाद गुरुवार को जिले के खनन विभाग में हड़कंप मचा रहा। अपनी सीट छोड़ खनन अधिकारी संबंधित के पास बैठकर बचाव का रास्ता तलाश करते दिखे। इस दौरान पहुंचने वालों से अगले दिन आने की बात कह टरका देते।
एसपी अनिल कुमार सिंह ने बृहस्पतिवार को जिला खनन अधिकारी को अपने कार्यालय में तलब किया। उनसे जिले में होने वाले खनन व उसके पट्टों के संबंध में रिपोर्ट देने की बात कही। इसके साथ ही एसपी ने थाना प्रभारी बदोसराय, टिकैतनगर, रामनगर व दरियाबाद से उनके इलाके में डंप की गई बालू की मात्रा व संबंधित स्थान का वीडियो बनाकर भेजने के निर्देश दिए। एसपी ने सभी थाना प्रभारियों को सख्त चेतावनी देते हुुए कहा है कि यदि किसी की अवैध खनन में संलिप्तता मिली तो उसके खिलाफ निलंबन की कार्रवाई होगी। एसपी ने एसडीएम सदर एसपी सिंह को भी कार्यालय में बुलाकर उनसे शहर, देवा व सतरिख इलाके में होने वाले खनन पर अंकुश लगाने की बात कही। एसपी ने कहा कि जहां खनन की सूचना मिलेगी, वहां पुलिस पहले उच्चाधिकारियों को बताएगी। उसके बाद एसडीएम स्तर के अधिकारी के साथ मौके पर जाकर कार्रवाई की जाएगी।
डीएम ने अवैध खनन रोकने के दिए निर्देश
अवैध खनन व भू माफिया पर हो सख्त कार्रवाई के लिए अवैध खनन व एंटी भूमाफिया पोर्टल को लेकर डीएम अखिलेश तिवारी ने बृहस्पतिवार को बैठक की। जिसमें बताया गया कि एंटी भूमि माफिया पोर्टल के तहत जिले में 2297 हेक्टेयर भूमि अतिक्रमण मुक्त करायी गयी है। बैठक के दौरान बताया गया कि जिला पंचायत, पीडब्ल्यूडी तथा विद्युत विभाग द्वारा प्रमाण पत्र निर्गत कर सुनिश्चित किया जाए कि संबंधित विभाग द्वारा सरकारी भूमि पर कोई कब्जा नहीं है। वन विभाग तथा सिंचाई विभाग द्वारा एंटी भूमाफिया पोर्टल पर सूचनायें अपडेट नहीं करायी जा रही है तथा इन्हें अपडेट कराने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि समस्त तहसीलों द्वारा माह के 20 तारीख से पहले ही एंटी भूमाफिया की बैठक आयोजित कर रिपोर्ट प्रस्तुत कर दी जाए। इस दौरान संबंधित अधिकारियों से कहा कि अवैध रूप से खनन की प्रक्रिया को पूरी सतर्कता से रोका जाए।
जिले के पांच स्थानों पर 79 हजार घनमीटर बालू डंप
एक माह पूर्व तक सिर्फ स्थान पर बालू डंप का पट्टा होने की बात करने वाले खनन अधिकारी लालता प्रसाद से गुरुवार को बात की गई तो वह बोले कि पांच स्थानों पर 79 हजार घनमीटर बालू डंप करने का लाइसेंस दिया गया है। जिसमें सबसे अधिक 30 हजार घन मीटर बालू डंप का लाइसेंस अलीनगर में है। वहीं अलीनगर में ही एक अन्य लाइसेंस 10 हजार घन मीटर का है। इसी प्रकार पूरे डलई में 20 हजार घन मीटर बालू डंप को तो बरई में 9 हजार घन मीटर बालू डंप के लाइसेंस दिए गए है। इसके लिए बालू के 4 अवैध डंप है। जिन पर पूर्व में कार्रवाई की जा चुकी है।