बहराइच। असत्य पर सत्य की विजय का प्रतीक दशहरा पर्व शनिवार को जिले में धूमधाम से मनाया जाएगा। 117 स्थानों पर रावण के पुतले का दहन होगा। इसके पूर्व रामलीला मैदानों में रामलीला के तहत राम-रावण युद्ध का मंचन होगा। इसकी तैयारियों में समिति के पदाधिकारी और सदस्य जुटे हुए हैं। बहराइच, रिसिया, पयागपुर, कैसरगंज, बौंडी, रुपईडीहा, शिवपुर में दहन होने वाला रावण का पुतला आकर्षण का केंद्र रहेगा।
दशहरा पर्व शनिवार को है। दोपहर से ही जगह-जगह रामलीला के मंचन की शुरुआत होगी। राम-रावण युद्ध के बाद रावण के पुतले का दहन किया जाएगा। बहराइच में तो रावण सिद्धनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना करेगा। इसके बाद उसकी सेना का जुलूस शहर के मुख्य मार्गों से होता हुआ रामलीला मैदान पहुंचेगा। बहराइच में ऐतिहासिक रामलीला मैदान में 45 फीट लंबे रावण के पुतले का दहन होगा। इसके अलावा मेघनाथ और कुंभकर्ण का भी पुतला जलाया जाएगा।
रिसिया की रामलीला आजादी के समय से हो रही है। रामलीला समिति के अध्यक्ष मदनगोपाल यज्ञसैनी व उपाध्यक्ष रामगोपाल यज्ञसैनी ने बताया कि लगभग 45 फीट लंबे रावण के पुतले का निर्माण भोंदू नामक कारीगर कर रहा है। राम के अग्निबाण चलाते ही आतिशबाजियों के बीच पुतला जलेगा। उधर, पयागपुर के भूपगंज बाजार में स्थित रामलीला मैदान में इस बार 50 फीट लंबे रावण के पुतले का दहन होगा। रामलीला का मंचन दोपहर से ही शुरू हो जाएगा। शाम पांच बजे के आसपास रावण का पुतला जलेगा। एसपी जुगुल किशोर ने कहा कि रामलीला मंचन और दशहरा पर्व होने के चलते सभी 117 स्थानों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था रहेगी। संबंधित थानाध्यक्षों को सुरक्षा मुस्तैद करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा क्षेत्र के सीओ व्यवस्था पर नजर रखेंगे।
रफीक और उनके पुत्र तैयार करते हैं पुतला
पयागपुर में रावण के पुतले का निर्माण कोट बाजार निवासी रफीक अहमद और उनके पुत्र अरशद तथा सहवाज कर रहे हैं। रफीक ने बताया कि पिता नफीस राज परिवार की ओर से आयोजित होने वाले रामलीला मंचन के लिए रावण का पुतला बनाते थे। वही परंपरा वह और उनके पुत्र निभा रहे हैं।
यहां रहेगा रूट डायवर्जन
बहराइच रामलीला मैदान में रामलीला मंचन के दौरान दशहरा पर्व पर भारी भीड़ उमड़ती है। रामलीला मैदान बहराइच-बाईपास नानपारा मार्ग पर है। इसके चलते बाईपास से आने-जाने वाले वाहन रोक दिए जाएंगे। लखनऊ से बाईपास होते हुए नानपारा जाने वाले वाहन जेल रोड और सिविल लाइन होते हुए दोनक्का तिराहा से आसाम रोड होकर नानपारा जाएंगे। जबकि छावनी-चांदपुरा मार्ग पर भी भारी वाहनों का आवागमन प्रतिबंधित रहेगा। वहीं नानपारा तथा कठाईघाट की ओर से आने वाली बसें सरयू नदी के झिंगहाघाट पुल के पार ही रोक दी जाएंगी।