विश्व में भारत सांस्कृतिक रूप से समृद्ध देश : राज्यपाल
बाराबंकी। विविधता में एकता के कारण भारत को दुनिया में सांस्कृतिक रूप से समृद्ध देश माना जाता है। ये बात पश्चिम बंगाल के राज्यपाल केसरीनाथ त्रिपाठी ने शनिवार को श्री रामस्वरूप मेमोरियल यूनिवर्सिटी में आयोजित अंतरराष्ट्रीय साहित्य सम्मेलन में कही।
दो दिवसीय इस सम्मेलन में गरीबी, पिछड़ापन और भारतीय संस्कृति पर विचार-विमर्श किया गया। साहित्य सम्मेलन के दौरान सर्वे भवंतु सुखिन: पर राज्यपाल ने विस्तार से चर्चा की।
सम्मेलन को संबोधित करते हुए राज्यपाल केसरीनाथ त्रिपाठी ने कहा कि भारत में कई राज्य हैं, जहां अलग-अलग व्यंजन, परंपराएं, सामाजिक रीति-रिवाज, पोशाक, भाषा, त्यौहार आदि पाए जाते हैं।
कार्यक्रम में राज्यपाल ने कविता सुनाई- सात घोड़ों पर सवार वह रोज आता है और रोज चला जाता है, अंधेरा उजाले में उजाला अंधेरे में समा जाता है। पूछो यह सवाल कल के सवेरे से यह संघर्ष है या पलायन परस्पर, धुरी पर धरा हो या हो दिवाकर, रुकता नहीं यह चलता निरंतर...।
सम्मेलन में प्रो. जनेट विल्सन, प्रो. पीटर ओलिवर, प्रो. एलिस, प्रो. एना मारिया, प्रो. हलीना, प्रो. लिसा समेत इटली, नार्वे, यूएस, यूके, स्पेन आदि देशों के शोधकर्ताओं ने हिस्सा लिया।
इस मौके पर श्रीराम स्वरूप मेमोरियल यूनिवर्सिटी लखनऊ के कुलाधिपति पंकज अग्रवाल, पूजा अग्रवाल, कुलपति एके सिंह, निदेशक प्रो. डॉ. बीएस दीक्षित, डीन डॉ. विजया सेठी, व शोध छात्र-छात्राएं कार्यक्रम के हिस्सा बने।