बहराइच। जिले की चार चीनी मिलों में से पारले चीनी मिल ने अभी तक की पेराई का सारा पैसा गन्ना किसानों को भुगतान कर दिया है। लेकिन तीन चीनी मिलें अभी तक गन्ना किसानों का 38 करोड़ 76 लाख रुपये बकाया दबाए बैठी हैं। प्रशासन इस गन्ना बकाया को दिलाने के लिए कोई भी कदम नहीं उठा रहा है, जिसके चलते किसान चीनी मिलों का चक्कर काटने को मजबूर हैं। हालांकि गन्ना अधिकारी मिलों पर दबाव बनाकर किसानों का पैसा जल्द से जल्द भुगतान कराने की बात कह रहे हैं।
बहराइच जनपद के गन्ना किसानों की ओर से जिले की चार चीनी मिलों में गन्ने की आपूर्ति की जाती है। गन्ने का पेराई सत्र नवंबर से शुरू हो गया है। जरवलरोड की आईपीएल चीनी मिल की ओर से सबसे कम गन्ने की पेराई की गई है। वहीं पारले चीनी मिल कैसरगंज ने गन्ना किसानों के बकाया सभी पैसों का भुगतान कर दिया है। जरवलरोड चीनी मिल पर गन्ना किसानों का 62 लाख रुपये बकाया है, जिसका भुगतान अभी तक नहीं हुआ है। वहीं सबसे अधिक बकाया चिलवरिया चीनी मिल पर है। चिलवरिया चीनी मिल की ओर से किसानों का 23 करोड़ 27 लाख रुपये बकाया का भुगतान अभी तक नहीं किया गया है। इसी तरह श्रावस्ती सहकारी चीनी मिल नानपारा की ओर से भी किसानों का 14 करोड़ 87 लाख रुपये के बकाये का भुगतान नहीं किया गया है। चीनी मिलों द्वारा बकाये का भुगतान नहीं किए जाने से गन्ना किसान मिलों का चक्कर काटने को मजबूर हैं।
बाजार में दाम गिरने से आ रही समस्या
बाजार में चीनी का दाम काफी गिर गया है। मिलों की ओर से मार्केट में अभी चीनी की बिक्री नहीं शुरू की गई है। जिसके चलते किसानों के भुगतान की समस्या आ रही है। हालांकि चीनी मिलों से वार्ता की जा रही है। जल्द ही समस्या का समाधान कर दिया जाएगा। हालांकि पारले चीनी मिल द्वारा अभी तक पूरे पैसे का भुगतान कर दिया गया है। नानपारा चीनी मिल सरकारी होने के कारण सरकार द्वारा खरीद किए जाने पर ही भुगतान शुरू हो सकेगी।
- रामकिशन, जिला गन्ना अधिकारी बहराइच