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बुखार व डायरिया से चार मासूमों की सांसें थमीं

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बहराइच। तराई में बदल रहे मौसम के बीच बुखार और डायरिया मासूमों की जिंदगी पर भारी पड़ रहे हैं। जिला अस्पताल में इलाज के दौरान सुबह से देर शाम तक चार मासूमों की सांसें थम गईं। यह सभी बुखार और डायरिया की चपेट में थे। परिवारीजन रोते-बिलखते शव लेकर घर लौट गए। उधर बुखार और अन्य संक्रामक बीमारियों से पीड़ित 15 और रोगी भर्ती हुए हैं। इनमें दो रोगियों की हालत गंभीर होने पर उन्हें केजीएमयू लखनऊ रेफर कर दिया गया है।
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तराई में मौसम परिवर्तन के चलते वायरल, तेज बुखार और डायरिया के साथ अन्य संक्रामक रोग मासूमों को चपेट में ले रहे हैं। अभिभावकों की तनिक सी लापरवाही बच्चों की जिंदगी पर भारी पड़ रही है। जिसका नतीजा उनकी मौतों के रूप में सामने आ रहा है। प्रतिदिन एक न एक रोगी की बुखार व अन्य संक्रामक बीमारियों से मौत हो रही है। शहर के कोतवाली नगर अंतर्गत मोहल्ला कानूनगोपुरा निवासी सृष्टि (3माह) को बुखार की शिकायत पर परिवारीजनों ने जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। मंगलवार देर रात को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। परिवारीजन रोते-बिलखते शव लेकर घर चले गए हैं। वहीं हुजूरपुर के निबुईकला निवासी अल्फिशा (एक) पुत्री एजाज अहमद, मोतीपुर के खड़िया निवासी पतीराम (12) पुत्र मांते व कोतवाली देहात के पुलिस लाइन निवासी अनस (एक) पुत्र अशरफ अली की इलाज के दौरान बुधवार दोपहर बाद मौत हुई। यह सभी बुखार और डायरिया से पीड़ित थे। उधर बुखार व अन्य संक्रामक बीमारियों से पीड़ित 15 और रोगी भर्ती हुए हैं। इनमें गोंडा के कटरा बाजार निवासी राकेश (दो माह) पुत्र पप्पू तथा श्रावस्ती जिले के इकौना निवासी धर्मेंद्र की पत्नी मीरा के एक दिन के पुत्र को गंभीर हालत में लखनऊ केजीएमयू रेफर कर दिया गया है। जिला अस्पताल के वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. केके वर्मा ने बताया कि बदल रहे मौसम में बच्चों को सर्दी से बचाकर ही सुरक्षित रखा जा सकता है।
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