गोमती रिवर फ्रंट डवलपमेंट कार्यों की न्यायिक और सीबीआई जांच के चलते कोई अधिकारी इस विषय पर जवाब देने से कतरा रहा है। एक्सईएन स्तर के सूत्रों के अनुसार, सड़क निर्माण जिस ठेकेदार फर्म चोपड़ा कंस्ट्रक्शन्स को करवाना है। फर्म को सिंचाई विभाग से चार करोड़ रुपये चाहिए और रकम न मिलने के कारण ठेकेदार काम नहीं करवा रहा है।
खास बात है कि यह पुल भी इसी ठेकेदार द्वारा रिवर फ्रंट डवलपमेंट कार्यों में लापरवाही बरतते हुए तोड़ा गया था। इसके बावजूद न कोई कार्रवाई उस पर हुई न पुल सुधारने का खर्च वसूला गया। हालांकि सिंचाई विभाग ने प्रदेश सरकार से ही इसे सुधारने के लिए चार करोड़ और मांग लिए।
स्केल से नाप कर देखा गया तो बैराज के गड्ढे 18 से 20 सेमी. गहरे हैं। ऐसी सड़क पर झटके खाकर कार के पहियों के अलाइनमेंट तक बिगड़ जा रहे। आदमी की कमर की हालत भी खस्ता हो जा रही है। ठेकेदार ने इसे दो हफ्ते में पूरा करवाने का आश्वासन दिया था, लेकिन दो महीने बाद भी काम नहीं शुरू हुआ।