जानकीपुरम घोटाले में फंसे करीब पौने दो सौ प्लाटों की रजिस्ट्री निरस्त किया जाएगा। इस संबंध में प्राधिकरण से राहत नहीं मिलेगी।
इस संबंध में बीते रोज एलडीए ने बाकायदा नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। जिसके तहत 177 प्लाटों की सूची एलडीए की वेबसाइट पर अपलोड कर दी गई है। इन प्लाटों की खरीद-फरोख्त को एलडीए ने प्रतिबंधित कर दिया है।
वर्ष 2001 से 2005 के बीच जानकीपुरम योजना की 413 भूखंडों की पत्रावलियां गायब हुई थी। इस संबंध में एफआईआर करवाई गई थी।
करीब 177 भूखंड के आवंटियों ने अपने अभिलेख प्राधिकरण्ा के समक्ष प्रस्तुत किए गए थे। इन भूखंडों की सीबीआई जांच की गई थी। पाया गया कि, आवंटन और निबंधन दोनों ही फर्जी तरीके से किए गए हैं।
प्राधिकरण् के कई अधिकारियों और कर्मचारियों पर इस मामले में गाज गिरी। कई सस्पेंड हुए। कुछ टर्मिनेट किए गए थे। अनेक लोगों को जेल जाना पड़ा। आखिरकार इन 177 भूखंडों की रजिस्ट्री रद्द करने संबंधी प्रस्ताव प्राधिकरण बोर्ड में रखा गया।
जिसके पास होने के बाद भी कहा जा रहा था कि, रजिस्ट्री नहीं निरस्त की जाएगी। आखिरकार एलडीए के उपाध्यक्ष अष्टभुजा प्रसाद तिवारी की ओर यह आदेश जारी क दिया गया कि, रजिस्ट्री निरस्त करवाई जाएंगी।
इस संबंध में एलडीए की वेबसाइट www.ldalucknow.co.in बाकायदा लिस्ट अपलोड कर दी गई है। इन 177 प्लाटों की खरीद फरोख्त पर पूरी तरह से रोक लगाई गई है।
एलडीए की ओर से साफ कह दिया गया है कि अगर प्लाट खरीदे या बेचे गए तो पूरी जिम्मेदारी खरीदने वाले की होगी। इनका निबंधन हर हाल में निरस्त किया जाएगा।