बिसवां (सीतापुर)। परिवहन निगम बस अड्डे पर यात्री सुविधाओं का टोटा है। परिसर में हर तरफ गंदगी का अंबार लगा हुआ है। कूड़े के ढ़ेर और निष्प्रयोज्य शौचालय से तेज दुर्गंध उठती है। परिसर में शुद्ध पेयजल तक मयस्सर नहीं है।
बिसवां रोडवेज बस अड्डे पर बहराइच, रुपईडीहा व दिल्ली आदि लंबी दूरी की बसें रुकती हैं। इसके अलावा सीतापुर और लखनऊ जाने वाले बड़ी संख्या में लोग रोजाना यहां से सफर करते हैं। विभागीय अफसरों की अनदेखी से यह बस अड्डा अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रहा है। परिसर गंदगी से पटा पड़ा है। गंदगी का आलम यह है कि दुर्गंध भरे माहौल में बैठकर यात्रियों को बस की प्रतीक्षा करनी पड़ती है। बेंचों की संख्या भी कम होने से ज्यादातर यात्रियों को खड़े रहना पड़ता है। परिसर में बना शौचालय गंदगी से पटा होने से निष्प्रयोज्य पड़ा है। इससे यात्रियों को काफी असुविधा होती है। सबसे ज्यादा दिक्कत महिलाओं को उठानी पड़ती है। यहां का एक मात्र सीलिंग फैन बड़ी संख्या में पहुंचने वाले यात्रियों के लिए नाकाफी साबित हो रहा है। समय सारिणी न होने से भी दिक्कत होती है। परिसर में लगा इकलौत हैंडपंप गंदा पानी उगलता है। पूछताछ केंद्र न होने से बाहरी यात्रियों को बसों के आने-जाने का समय नहीं मालूम हो पाता है। वहीं, बारिश होने पर परिसर तालाब में तब्दील हो जाता है।
परिसर में गंदगी का साम्राज्य
रोडवेज बस अड्डे पर यात्रियों के लिए कोई सुविधा नहीं है। पूरे परिसर में गंदगी फैली है। शौचालय की हालत बेहद खराब है। विभागीय अफसरों को ध्यान देने की जरूरत है।
-सुशील शुक्ल, दैनिक यात्री
कराया जाए समस्याओं का निदान
तहसील मुख्यालय का रोडवेज बस अड्डा होने के बावजूद यहां मूलभूत सुविधाएं तक मयस्सर नहीं हैं। मुसाफिरों की परेशानी देखते हुए समस्याओं का निदान कराए जाने की जरूरत है।
-वेदरत्न मिश्र, दैनिक यात्री
अफसरों की लापरवाही से बिगड़ी सूरत
पेयजल किल्लत और शौचालय की बदहाली सबसे बड़ी समस्या है। विभाग किराया पूरा वसूलता है फिर भी सुविधाएं न मिलना अफसरों की लापरवाही प्रदर्शित करता है।
-रूपेश अवस्थी, यात्री
आला अफसरों को लिखा पत्र
बिसवां रोडवेज बस अड्डा जब से विभाग को मिला है, कोई काम नहीं कराया गया। समस्याओं को लेकर विभागीय उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा गया है। विधायक को भी पत्र की कॉपी भेजी गई है। बजट मिलते ही बस अड्डे का जीर्णोद्धार कराया जाएगा।
-विमल राजन, एआरएम सीतापुर डिपो