गौरीगंज। जिले की 682 ग्राम पंचायतों व चार शहरी क्षेत्रों में अरसा पूर्व से लगी स्ट्रीट लाइटें जल्द ही एलईडी लाइट में परिवर्तित कर दी जाएंगी। शासन ने यह निर्णय शहरी क्षेत्र में स्ट्रीट लाइटों की वजह से आ रहे अधिक बिल व ग्रामीण क्षेत्र में इसके माध्यम से हो रही बिजली चोरी को देखते हुए लिया है।
इस संबंध में अपर मुख्य सचिव की ओर से जारी आदेश डीएम कार्यालय को मिल चुका है। डीएम ने एलईडी लाइट की दरों का निर्धारण करने के लिए छह अफसरों की कमेटी गठित करते हुए अधिशाषी अधिकारी व डीपीआरओ को 14वें व चतुर्थ वित्त आयोग की धनराशि से अतिशीघ्र लाइटें परिवर्तित कर रिपोर्ट देने का आदेश दिया है।
अपर मुख्य सचिव राजेंद्र प्रसाद त्रिपाठी ने जिला प्रशासन को पत्र भेजकर ग्राम पंचायतों व निकायों को आवंटित 14वें व चतुर्थ वित्त आयोग की धनराशि से लाइटों को परिवर्तित करने का आदेश दिया है। जारी आदेश में कहा गया है कि सबसे पहले जिला प्रशासन पूरे जिले में लगी स्ट्रीट लाइटों की संख्या का आंकड़ा जुटाए और इसके बाद दरों का निर्धारण कर काम शुरू कराए।
अपर मुख्य सचिव का पत्र मिलने के बाद डीएम ने अधिशाषी अधिकारी व डीपीआरओ को पत्र भेजकर निकायों व ग्राम पंचायतों में प्रकाश व्यवस्था के लिए स्थापित परंपरागत स्ट्रीट लाइटों को एलईडी में परिवर्तित करने का आदेश दिया है।
डीएम ने एलईडी लाइटों के वाट तथा उसके सापेक्ष क्रय दरों के निर्धारण के लिए छह सदस्यीय टीम गठित करते हुए निकायों व ग्राम पंचायतों को 14वें व चतुर्थ राज्य वित्त आयोग के तहत आवंटित धनराशि से एलईडी बल्ब खरीदने करने को कहा है। डीएम ने स्ट्रीट लाइटों के परिवर्तन में लापरवाही तथा एलईडी वल्बों के क्रय में गड़बड़ी होने की दशा में कार्रवाई की चेेतावनी दी है।