बलरामपुर। चालू वित्तीय वर्ष में जिले के 140 राजस्व ग्रामों में किसान पाठशालाएं लगाई जा चुकी हैं। जिले में दो चरणों में तीन-तीन दिवसीय किसान पाठशालाओं का आयोजन किया गया है, जिसमें जिले के डेढ़ लाख किसानों को आधुनिक खेती करने का ककहरा पढ़ाया गया है। किसान पाठशालाओं के दौरान काश्तकारों को केंद्र व प्रदेश सरकार की ओर से संचालित कृषि योजनाओं के बारे में जानकारी दी गई है। द मिलियन फार्मर्स स्कूल के आयोजन होने से कृषि की नई तकनीक से किसानों को लैस किया गया है।
विभागीय कर्मचारियों से कराया गया प्रचार-प्रसार
वित्तीय वर्ष 2018-19 में द मिलियन फार्मर्स स्कूल अर्थात किसान पाठशालाओं का आयोजन कराने से पहले कृषि विभाग के अफसरों व कर्मियों ने संयुक्त प्रयास से गांव-गांव व्यापक प्रचार-प्रसार कराया। केंद्र व प्रदेश सरकार ने 2022 तक किसानों की आय को दोगुना करने का लक्ष्य रखा है। समाचार पत्रों में भी किसान पाठशालाओं के कार्यक्रमों का प्रचार-प्रसार कराया गया है।
दो चरणों में पाठशाला का हुआ आयोजन
वित्तीय वर्ष 2018-19 में जिले में 140 किसान पाठशालाओं का आयोजन दो चरणों में किया गया है। प्रथम चरण में 21 से 23 जून तक तथा दूसरा चरण 25 से 27 जून के मध्य तक किसान पाठशालाएं आयोजित कराई गई हैं। कृषि विभाग में कार्यरत बीटीएम व एटीएम को एक दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया। जिले के प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्कूलों में कराए गए किसान पाठशालाओं में भारी संख्या में किसानों का जमावड़ा हुआ। जिले में दोनों चरणों के दौरान कृषि पाठशालाओं में करीब डेढ़ लाख किसानों को आधुनिक खेती करने की जानकारी दी गई।
कृषि योजनाओं की दी गई जानकारी
किसान पाठशालाओं में कृषि विभाग के अधिकारियों तथा कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को संसाधनों एवं योजनाओं के बारे में जानकारी दी। पहले दिन के प्रथम सत्र में आय दोगुनी करने की रणनीति, एकीकृत फसल प्रबंधन, पशुपालन, दुग्ध उत्पादन, मत्स्य पालन, उद्यान व मधुमक्खी पालन, दूसरे सत्र में दौरान फसल चक्र के सिद्धांत, गर्मी की जुताई, हरी खाद, कंपोस्ट खाद, वर्मी कंपोस्ट का महत्व, फसल अवशेष प्रबंधन व जैविक खेती, दूसरे दिन के प्रथम सत्र में खरीफ फसलों की उन्नति विधियां, बीजों की व्यवस्था व फसलवार प्रजातियों का चयन, दूसरे सत्र में नए बागों की स्थापना, कृषि विविधीकरण, औद्योनिक फसलों की खेती, खरीफ सब्जियों के उत्पादन, कृषि वानिकी तथा तीसरे दिन के प्रथम सत्र में योजनाओं में अनुदान, प्रधानमंत्री फसल बीमा, मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन, खरीफ फसलों में पोषक तत्व प्रबंधन, कृषि यंत्रीकरण व कृषि रक्षा और दूसरे सत्र में सिंचाई एवं जल प्रबंधन बौछार सिंचाई व सोलर पंप आदि की जानकारी दी गई।
घर बैठे लाभप्रद खेती करने का मिला ज्ञान
किसान संतसरन, दीनानाथ, ओमप्रकाश व बजरंगी ने बताया कि किसान पाठशाला में लाभप्रद खेती करने का ज्ञान प्राप्त हुआ है। तीन दिवसीय किसान पाठशाला में कृषि विभाग के अधिकारियों व कृषि वैज्ञानिकों ने आधुनिक खेती करने की तकनीक के बारे में बताया है। सरकार का यह फार्मूला किसानों के मील का पत्थर साबित हुआ है।
प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर जिले में दो साल से किसान पाठशाला का आयोजन किया जा रहा है। वित्तीय वर्ष 2017-18 में रबी फसलों के लिए 140 गांवों में तथा वित्तीय वर्ष 2018-19 में खरीफ फसलों के लिए भी जिले के 140 गांवों में किसान पाठशालाएं कराई गई हैं। दो चरणों के किसान पाठशालाओं में किसानों को जानकारी देने के लिए कर्मचारियों को प्रशिक्षण भी दिलाया गया है।
- राम बचन राम, उप कृषि निदेशक