बलरामपुर। पावर कॉर्पोरेशन के अभियंताओं ने सीडीओ पर अभद्रता व उत्पीड़न करने का आरोप लगाते हुए गुरुवार को विकास भवन सभागार के सामने प्रदर्शन कर आक्रोश जताया। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष को पत्र भेजकर जांच व कार्रवाई की मांग की। वहीं, सीडीओ ने अभियंताओं के आरोप को बेबुनियाद व निराधार बताया है।
एक्सईएन पावर कॉर्पोरेशन जेपीएस परिहार, जेई मुकेश कुमार, अरविंद कुमार सहित जिले में तैनात अभियंताओं ने अध्यक्ष उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लखनऊ को भेजे गए पत्र में कहा है कि गुरुवार को सीडीओ ने ग्राम स्वराज अभियान में चयनित ग्रामों के विद्युुतीकरण के संबंध में विकास भवन सभागार में बैठक बुलाई थी। एक्सईएन सहित जिले में तैनात उप खंडीय अधिकारी व कार्यदाई संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने बैठक में प्रतिभाग किया। विकास भवन में प्रात: नौ बजे निर्धारित समय पर सभी अधिकारी उपस्थित हुए। विकास भवन सभागार में एक घंटा प्रतीक्षा करने के बाद सीडीओ को पावर कॉर्पोरेशन के उपस्थित अधिकारियों द्वारा बैठक में मौजूदगी की सूचना दी गई। इसके बाद सीडीओ ने अपने कार्यालय में सभी अधिकारियों, अवर अभियंताओं, संबंधित कार्यदाई संस्था के प्रतिनिधियों को बुलाया। आरोप है कि बिना किसी समीक्षा के कार्यालय में एक्सईएन पावर कॉर्पोरेशन, अन्य अधिकारियों व अवर अभियंताओं से अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए वार्ता की और पावर कॉर्पोरेशन के अधिकारियों व अवर अभियंताओं से अभद्र व्यवहार करते हुए कक्ष से बाहर कर दिया। इसको लेकर विद्युत विभाग के सभी अधिकारियों ने आक्रोश जताते हुए कहा कि उत्पीड़न व दबाव के चलते कार्य करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इन लोगों ने अध्यक्ष से सीडीओ के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करने की मांग की है। अन्यथा सीडीओ की बैठक के बहिष्कार करने की बात कही है।
घोर लापरवाही के साथ झूठा आरोप लगा रहे अभियंता
सीडीओ कृत्तिका ज्योत्स्ना का कहना है कि, ग्राम स्वराज अभियान के तहत जिले के 757 राजस्व ग्रामों में भारत सरकार ने नोडल अफसरों को तैनात कर विकास कार्यक्रमों का बेहतर ढंग से संचालन कराने की जिम्मेदारी सौंपी है। पावर कॉर्पोरेशन को भी तीन योजनाओं का संचालन कर सभी घरों में बिजली पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। कई बार बैठक के दौरान पावर कॉर्पोरेशन के एक्सईएन व अन्य अधिकारी समीक्षा में सही स्थिति की जानकारी नहीं दे पा रहे थे। इसी को लेकर हिदायत दी गई थी। अभद्रता व उत्पीड़न करने का आरोप झूठा व बेबुनियाद है। पावर कॉर्पोरेशन के सभी अफसरों द्वारा शासकीय कार्यों में घोर लापरवाही व शिथिलता बरती जा रही है।
एक्सईएन के खिलाफ शासन को लिखा गया पत्र
डीएम कृष्णा करुणेश का कहना है कि, नीति आयोग के नोडल अफसर व वरिष्ठ आईएएस नवदीप रिणवा के दो दिवसीय जनपद भ्रमण के दौरान पावर कॉर्पोरेशन के एक्सईएन ने झूठी रिपोर्ट प्रस्तुत की। नोडल अफसर के समक्ष झूठी रिपोर्ट प्रस्तुत करने पर एक्सईएन के खिलाफ कार्रवाई करने, स्थानांतरण कराने तथा जिला स्तरीय समीक्षा बैठकों में प्रतिभाग करने से प्रतिबंधित करने के संबंध में शासन को पत्र भेजा गया है।