बहराइच/पयागपुर। जिले में अब विकास की कवायद शुरू हुई है। पयागपुर में अंग्रेजों के जमाने के विश्राम गृह की सूरत बदलेगी। इसके लिए शासन ने 96 लाख रुपये का बजट स्वीकृत किया है। नानपारा और बलहा में 90-90 लाख की लागत से किसान सेवा केंद्र का निर्माण किया जाएगा।
इन सेवा केंद्रों पर किसानों को खेती-किसानी की अत्याधुनिक जानकारी के साथ कृषि यंत्र, दवाइयां, बीज, खाद समेत अन्य सुविधाएं मुहैया होंगी। पयागपुर के भूपगंज बाजार में अंग्रेजों के जमाने का विश्राम गृह स्थापित है।
यह विश्राम गृह काफी जर्जर स्थिति में पहुंच चुका है। अब यहां पर अधिकारी या अन्य अतिथि ठहरना पसंद नहीं करते। इस समस्या को देखते हुए क्षेेत्रीय विधायक सुभाष त्रिपाठी ने प्रस्ताव शासन को भेजा था।
शासन ने प्रस्ताव को गंभीरता से लेते हुए स्वीकृति प्रदान कर 96 लाख रुपये का बजट स्वीकृत किया है। यह बजट लोक निर्माण विभाग को अवमुक्त कर दिया गया है।
लोक निर्माण विभाग के अवर अभियंता बालेराम ने बताया कि 96 लाख का बजट मिल गया है। टेंडर की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अप्रैल के प्रथम सप्ताह से कार्य शुरू हो जाएगा।
इस बजट से चार हवादार अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित सूट का निर्माण होगा। किसान सेवा केंद्र स्थापना की भी कवायद शुरू कर दी गई है। गौरतलब हो कि जिले में पयागपुर और बलहा विकास खंड में किसान सेवा केंद्र स्थापित होने हैं।
पयागपुर में किसान सेवा केंद्र की स्थापना के लिए क्षेत्रीय विधायक सुभाष त्रिपाठी ने प्रस्ताव किया था। किसान सेवा केंद्र निर्माण भी ब्लाक परिसर में अप्रैल माह के प्रथम सप्ताह में शुरू होगा।
किसान सेवा केंद्र पर मिलेंगे ये लाभ
किसानों को ऑनलाइन पंजीकरण की व्यवस्था होगी। इसके अलावा कृषि यंत्र, दवा, खाद, बीज, अत्याधुनिक खेती के तरीकों का प्रशिक्षण आदि प्रदान किया जाएगा।