सीतापुर। जिले में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत शादी कराने के लिए जोड़े ढूंढे नहीं मिल रहे हैं। यहां 476 शादियों के लिए सरकार ने एक करोड़ 66 रुपये का बजट जारी किया। इसके सापेक्ष अब तक महज 123 शादियां कराई गई हैं। शेष 353 शादियों के लिए जोड़े मिल नहीं रहे हैं। इसी बीच सरकार ने 1069 और शादियां कराने के लिए 3 करोड़ 74 लाख रुपये का बजट जारी कर दिया है। सामूहिक विवाह के लिए जारी यह बजट चालू वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन 31 मार्च को लैप्स हो जाएगा। ऐसी दशा में अफसरों की समझ नहीं आ रहा कि महज छह दिनों में चार करोड़ 96 लाख रुपये खर्च करने के लिए 1422 जोड़े कहां से लाएंगे।
निर्धन परिवार की बेटियों के हाथ पीले कराने के लिए योगी सरकार ने मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना संचालित की है। इसके तहत गरीब युवक-युवतियों के अलावा तलाकशुदा और विधवाओं के विवाह कराए जाने हैं। इसमें पंजीकरण कराने वाले जोड़ों का प्रशासन सामूहिक विवाह कराएगा। हर नवविवाहित जोड़े के विवाह पर सरकार की ओर से 35 हजार रुपये खर्च किए जाने हैं। जिसमें 20 हजार रुपये उसके बैंक खाते में जमा कराए जाएंगे। जबकि 15 हजार रुपये में खाने व सामग्री का खर्च शामिल होगा। नव विवाहित जोड़े को कपड़े, बर्तन, मोबाइल, पायल, बिछिया इत्यादि सामग्री उपहार में दी जानी है। इस योजना के लिए पहले चरण में शासन से जिले को एक करोड़ 66 लाख का बजट जारी करते हुए 476 शादियां कराने का लक्ष्य दिया गया। समाज कल्याण विभाग ने मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के लिए ग्रामीण क्षेत्र में बीडीओ और शहरी क्षेत्र में निकायों के अधिशासी अधिकारियों को विवाह के पंजीकरण करने की जिम्मेदारी सौंपी। जिले में अब तक दो चरणों में सामूहिक मंडप सजाकर कुल 123 शादियां की गई हैं। यानी 353 शादियां अभी कराई जानी हैं। इसके लिए एक करोड़ 22 लाख 95000 रुपये विभाग के खाते में डंप है। विभाग यह बजट खर्च नहीं कर पा रहा है कि इसी बीच शासन से 1069 और शादियां कराने के लिए 3 करोड़ 74 लाख की धनराशि जारी कर दी गई। अब विभाग का लक्ष्य 1422 शादियां कराने का हो गया। खाते में 4 करोड़ 96 लाख 95000 रुपये भी हैं। लेकिन समय नहीं है। चालू वित्तीय वर्ष के महज छह दिन बचे हैं। आने वाली 31 मार्च को रकम लैप्स हो जाएगी। छह दिनों में 1422 शादियां कराकर 4 करोड़ 96 लाख 95000 रुपये खर्च करना बड़ी चुनौती है।
28 मार्च को होनी हैं 32 शादियां
समाज कल्याण विभाग के पास मौजूदा समय में 32 जोड़ों के आवेदन हैं। इनमें 19 आवेदन ब्लॉक कसमंडा, जबकि 13 आवेदन ब्लॉक महमूदाबाद के हैं। सब कुछ ठीक रहा तो 28 मार्च को संबंधित ब्लॉक मुख्यालयों पर इन जोड़ो के सामूहिक विवाह संपन्न कराए जाएंगे।
मुहूर्त की कमी से कम आए आवेदन
बीडीओ व अधिशासी अधिकारियों को जोड़े तलाशने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। जिले में 123 शादियां कराई गई हैं। विभाग के पास करीब 32 आवेदन हैं। 28 मार्च को सामूहिक विवाह का आयोजन होगा। उसके बाद जितना बजट शेष बचेगा उसे 31 मार्च को लैप्स हो जाएगा। सरकार यदि नए वित्तीय वर्ष में बजट जारी करेगी तो सामूहिक विवाह कराए जाएंगे। फरवरी के बाद मुहूर्त की कमी भी आवेदन नही आने की वजह हो सकती है।
- ललिता यादव, जिला समाज कल्याण अधिकारी