एसडीएम की जांच को गंभीरता से न लेने पर बीईओ को प्रतिकूल प्रविष्टि
सीतापुर। सकरन बीईओ को एसडीएम लहरपुर की जांच हल्के में निपटाना महंगा साबित हुआ। डीएम के निर्देश पर बीएसए ने दोबारा विद्यालय की जांच कराई। जिसमें प्रधानाध्यापक व दो सहायक अध्यापक दोषी मिले। यह तीनों न तो नियमित स्कूल आते थे न ही अपने दायित्वों का निर्वहन कर रहे थे।
इस पर बीएसए ने इन तीनों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। साथ ही बीईओ सकरन को प्रतिकूल प्रविष्टि दी है। एसडीएम लहरपुर शशांक त्रिपाठी ने सकरन विकासखंड के प्राथमिक विद्यालय कल्ली अंबाई का औचक मुआयना किया था। उस समय स्कूल समय से पहले बंद मिला था।
गंदगी इस कदर व्याप्त थी जैसे प्रतीत हो रहा था यह लंबे समय से खुला ही नहीं है। इस पर एसडीएम ने डीएम को जांच आख्या सौंपी थी। इसके आधार पर बीईओ सकरन बृजेश त्रिपाठी ने इसे हल्के में निपटाते हुए शिक्षकों को केवल नोटिस देकर मामला निपटा दिया था।
इसकी जानकारी डीएम को होने पर उन्होंने गंभीरता से लेते हुए बीएसए व बीईओ को फटकार लगाई। बीईओ सकरन की कार्यशैली पर ही सवाल उठा दिए थे। इसके बाद बीएसए ने दोबारा बीईओ मुख्यालय संजय राय से इस मामले की जांच कराई। जिसमें शिक्षकों की तमाम लापरवाही उजागर हुई।
इस पर बीएसए अजय कुमार ने प्रधानाध्यापक संजीव तिवारी को विद्यालय में उपस्थित न होना, प्रसाधन टूटा पाया जाना। हैंडपंप व रसोईघर की हालात खराब होना। परीक्षा संबंधी कोई अभिलेख स्कूल में न मिलने के आरोप में निलंबित कर दिया है।
इसी प्रकार सहायक अध्यापक विनय कुमार सिंह व मोहम्मद आरिफ अंसारी को निरीक्षण के समय गैरहाजिर रहना। एमडीएम रजिस्ट्रर अपूर्ण मिला। विभागीय निर्देर्शो की अवहेलना करना। शिक्षण कार्य में रुचि न लेने पर निलंबित कर दिया है। बीईओ बृजेश त्रिपाठी को प्रतिकूल प्रविष्टि जारी की है।