बछरावां (रायबरेली)। विकास खंड परिसर में भारत मानव अधिकार मंच के तहत विश्व मानवाधिकार दिवस के उपलक्ष्य में रविवार को संगोष्ठी आयोजित की गई। इस दौरान राज्य कर्मचारी महासंघ के जिलाध्यक्ष अनूप कुमार मिश्र ने कहा कि मानवाधिकार दिवस मनाने का उद्देश्य पूरी दुनिया में लोगों को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक करना है। साथ ही इसके विभिन्न पहलुओं पर विचार करना भी मानवाधिकार दिवस का प्रमुख उद्देश्य है, ताकि इसमें व्याप्त अनियमितताओं या कमियों को समय-समय पर विचार कर दूर किया जा सके।
मुख्य वक्ता एडवोकेट डीपी पाल ने कहा कि किसी भी इंसान को जीवन, आजादी, बराबरी और सम्मान का अधिकार है और प्रत्येक इंसान को भारतीय संविधान में यह अधिकार दिए गए हैं। हर इंसान अपने अधिकारों का लाभ उठाने के लिए स्वतंत्र है। साथ ही उनका हनन होने पर अदालत का सहारा ले सकता है। इस स्थिति में अदालत संबंधित संस्था या मनुष्य को सजा भी दे सकती है। थानाध्यक्ष अनिल सिंह ने कहा कि मानवाधिकार दिवस का महत्व मानव के अधिकारों के प्रति जागरूकता से जुड़ा हुआ है। इसलिए यह और भी जरूरी हो जाता है कि आप अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहें और आवश्यकता पड़ने पर उनका लाभ भी लें। प्रत्येक इंसान यदि अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होगा तो समाज में अनियमितता और शोषण संबंधी मामले भी कम होंगे। संगोष्ठी में निर्मला लाल, अनीता, अनुराग सिंह, संतोष सिंह आदि ने भी विचार व्यक्त किए। इस मौके पर रेखा मिश्रा, मंजू चौधरी, रामदेव, कलावती, ज्योतिषा सिंह आदि मौजूद रहे।