प्रदेश के युवाओं को रोजगारपरक व्यावसायिक प्रशिक्षण दिलाने के लिए तीन वर्षों तक हर साल 20-20 राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) खोले जाएंगे।
मौजूदा समय जो आईटीआई हैं, उसमें प्रशिक्षण क्षमता को बढ़ाने के लिए 15 नवंबर तक सक्षम स्तर पर अनुमोदित कराया जाएगा।
इस समय आईटीआई में रिक्त 1700 अनुदेशकों की भर्ती प्रक्रिया शीघ्र ही शुरू की जाएगी। बृहस्पतिवार को मुख्य सचिव जावेद उस्मानी ने यह निर्देश अधिकारियों को आईटीआई क्षमता विस्तार बैठक के दौरान दिए।
पढ़ें: अब ऑनलाइन वालों को ही मिलेगी छात्रवृत्ति
मुख्य सचिव ने कहा, रिक्तियों को भरने के लिए पदों की स्वीकृति संबंधी प्रस्ताव शीघ्र प्रस्तुत किया जाए। मौजूदा समय आईटीआई में 70 हजार युवाओं को प्रशिक्षित किया जा रहा है, 20 हजार सीटें बढ़ाने का प्रस्ताव है।
नेशनल काउंसिल फार वोकेशनल ट्रेनिंग (एनसीवीटी) की तर्ज पर स्टेट काउंसिल फार वोकेशनल ट्रेनिंग (एससीवीटी) शुरू की जाएगी। जिस जिले में प्रति लाख आबादी के हिसाब से आईटीआई की सीटें कम हैं वहां सीटें बढ़ाई जाएंगी।
यह भी पढ़ें: अब बदल जाएगी पॉलीटेक्निक संस्थानों की सूरत
निर्माणाधीन आईटीआई भवनों को शीघ्र बनाया जाएगा। हर साल खोले जाने वाले आईटीआई भवनों के लिए स्थल का चयन प्राथमिकता के आधार पर होगा।
प्रमुख सचिव व्यावसायिक शिक्षा व कौशल विकास आलोक कुमार ने बताया कि प्रदेश की सभी असेवित तहसीलों व विकास खंडों में आईटीआई की स्थापना कर प्रशिक्षण देने की पांच वर्षीय कार्ययोजना बनाई गई है।
इससे आईटीआई में 1.20 लाख सीटों की वृद्धि होगी। तीन वर्षों में 56 नए आईटीआई अल्पसंख्यक बाहुल्य क्षेत्रों में खोले जाएंगे, 12 ट्रेंडों में प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस समय 217 राजकीय तथा 1392 निजी आईटीआई कॉलेज हैं।
यूपी और लखनऊ की बड़ी खबरें मिलेंगी यहां