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उम्र छिपाकर 17 साल में बनी ग्राम प्रधान, कोर्ट ने बाल सुधार गृह भेजा

Wed, 30 Mar 2016 09:48 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रायबरेली

सार

  • रायबरेली के जगतपुर का मामला
  • कोर्ट के आदेश पर दर्ज हुआ था केस
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नाबालिग लड़की बन गई ग्राम प्रधान - फोटो : demo
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विस्तार
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उम्र छिपाकर महज 17 साल की उम्र में ही ग्राम प्रधान का चुनाव जीतने वाली ग्राम प्रधान को कोर्ट ने बाल सुधार गृह भेज दिया है। अदालत ने मंगलवार को उसे बाल सुधार गृह लखनऊ भेजने का आदेश दिया।
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मामला रायबरेली के जगतपुर थाना क्षेत्र के एक गांव का है। चुनाव जीतने के बाद पोल खुलने पर कोर्ट के आदेश पर 12 मार्च को केस दर्ज हुआ था। ग्राम प्रधान का चुनाव लड़ने के लिए कम से कम उम्र 21 वर्ष होनी चाहिए।

चुनाव जीतने के बाद कुछ लोगों को लड़की की उम्र कम होने की जानकारी हुई तो विरोधी खेमे के क्रांतिवीर यादव ने डीएम व एसडीएम से शिकायत की। सुनवाई न होने पर कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।
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फर्जी वोटर कार्ड बनाकर लड़ी थी चुनाव

फर्जी वोटर कार्ड बनाकर लड़ी थी चुनाव - फोटो : demopic
एसओ जगतपुर बीएन शुक्ला ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर ग्राम प्रधान के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज हुआ था। मंगलवार को उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया था।

नाबालिग ने फर्जी तरीके से वोटर कार्ड में अपनी आयु 21 साल दर्ज करवाकर चुनाव लड़ा और 27 वोटों से जीतने में सफल रही। इंटर तक पढ़ी नाबालिग की उम्र शैक्षणिक प्रमाणपत्रों में 17 साल दर्ज है।
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