सीतापुर/झरेखापुर। शहर कोतवाली क्षेत्र में नवनिर्मित उपकेंद्र मेें रविवार को काम करते वक्त एक निजी लाइनमैन करंट की चपेट में आकर बुरी तरह से झुलस गया। ट्रॉमा सेंटर लखनऊ ले जाते समय रास्ते में उसकी मौत हो गई। पावर कॉर्पोरेशन के अधिकारियों का कहना है कि, हादसे का शिकार निजी लाइनमैन उपकेंद्र में काम करा रही कंपनी के ठेकेदार के अधीन काम कर रहा था।
शहर कोतवाली क्षेत्र में ग्राम उल्जापुर के पास नए विद्युत उपकेंद्र का निर्माण कार्य हो रहा है। इसी उपकेंद्र में ग्राम उल्जापुर निवासी रिंकू (26) निजी लाइनमैन के तौर पर काम कर रहा था। बताते हैं कि रविवार को उपकेंद्र में तार दुरुस्त किए जा रहे थे। इसी बीच वह करंट की चपेट में आकर गंभीर रूप से झुलस गया। स्थानीय लोगों ने आनन-फानन रिंकू को जिला अस्पताल पहुंचाया। जहां डॉक्टरों ने हालत नाजुक देख उसे ट्रॉमा सेंटर लखनऊ रेफर कर दिया। लखनऊ ले जाते समय रास्ते में रिंकू ने दम तोड़ दिया। परिवारीजनों ने कार्यदायी संस्था के जिम्मेदारों पर लापरवाही का आरोप लगाया है। जबकि पावर कॉर्पोरेशन के अधिकारियों का कहना है कि, उल्जापुर का उपकेंद्र अभी उन्हें हैंडओवर नहीं किया गया है। उस उपकेंद्र का निर्माण एक प्राइवेट संस्था कर रही है। इस वजह से उपकेंद्र की घटना के संबंध में उन्हें कोई जानकारी नहीं है। जबकि कार्यदायी संस्था के जिम्मेदारों ने घटना के बाद से चुप्पी साध रखी है।
पावर कॉर्पोरेशन के अधिशाषी अभियंता एके श्रीवास्तव का कहना है कि, उल्जापुर के पास निर्माणाधीन विद्युत उपकेंद्र अभी विभाग को हैंडओवर नहीं हुआ है। उसका निर्माण एक प्राइवेट संस्था करा रही है। इस वजह से घटना के संबंध में कोई जानकारी नहीं मिल सकी है।