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रायबरेली में मार्च 2020 तक शुरू हो जाएगा एम्स, जुलाई से ओपीडी

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रायबरेली। कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष एवं सांसद सोनिया गांधी के प्रयास रंग लाने लगे हैं। सब कुछ ठीक-ठाक रहा तो वर्ष 2020 तक एम्स शुरू हो जाएगा। हालांकि ओपीडी अगली जुलाई से ही शुरू करने की तैयारी है। सांसद सोनिया गांधी ने सोमवार को एम्स के धीमी गति से निर्माण पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा को पत्र लिखा। उन्होंने पत्र में एम्स रायबरेली के निर्माण में हो रही देरी से इस क्षेत्र के आम लोगों को रहीं दिक्कतों के बारे में भी बताया।

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सांसद सोनिया गांधी के पत्र पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने बताया कि एक्सपेंडीचर फाइनेंस कमेटी (ईएफसी) ने पिछले वर्ष 22 जून को ही 823 करोड़ रुपये एम्स रायबरेली के लिए मंजूर कर दिए थे। उन्होंने अवगत कराया है कि एम्स का ओपीडी ब्लॉक लगभग तैयार है। यहां जुलाई से ओपीडी प्रारंभ कर दिए जाने की योजना है।

उन्होंने यह भी बताया है कि मेडिकल टीचिंग एवं हॉस्पिटल बिल्डिंग के लिए टेंडर मांगे जा चुके हैं और निर्माण प्रबंधन संभाल रही एचएससीसी कंपनी को निर्माण कार्य प्रारंभ करने के बाबत निर्देश दिए जा चुके हैं। उन्होंने सोनिया गांधी को लिखे पत्र में उम्मीद जताई है कि मार्च-2020 तक एम्स चालू हो जाएगा। सांसद प्रतिनिधि केएल शर्मा ने कहा कि एम्स के निर्माण में सांसद सोनिया गांधी को कोई भी कोताही बर्दाश्त नहीं है। वह लगातार रायबरेली के विकास को लेकर सक्रिय हैं। एम्स के अतिरिक्त वह जिले के हर विकास कार्य पर नजर रखे हैं। उधर, एम्स के निर्माण में हो रही देरी पर बीते दिनों कांग्रेसियों ने धरना-प्रदर्शन भी किया था।
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वर्ष 2013 में मंजूर हुआ था एम्स
यूपीए सरकार ने सांसद सोनिया गांधी के ड्रीम प्रोजेक्ट एम्स को वर्ष-2013 में मंजूरी दी गई थी। नौ सौ करोड़ रुपये से अधिक लागत वाले इस प्रोजेक्ट के लिए तब डेढ़ सौ करोड़ रुपये अवमुक्त भी कर दिए गए थे। इस राशि से एम्स की रिहायशी कॉलोनी बनकर तैयार है। यूपीए सरकार की पहल पर यहां वर्ष-2014 की शुरुआत में ओपीडी भी बन गई थी। ओपीडी के लिए डॉक्टरों और कर्मचारियोें की भर्ती भी हो गई थी, लेकिन चुनाव में यूपीए के हारने के बाद एम्स का निर्माण कार्य धीमा हो गया। एनडीए के सत्ता में आने के बाद भी सांसद सोनिया गांधी ने प्रयासों में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी।

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