तारुन। गुरौली गांव की वनराजा बस्ती मंगलवार रात जलकर राख हो गई। आग में सभी पांचों घर धू-धू कर जल उठे। सभी के आवास छप्परनुमा थे। पीड़ित परिवार दाने-दाने को मोहताज हो गया। लोग पेड़ की छांव में भूखे पेट रह रहे हैं।
आग रात 11 बजे रामअजोर वनवासी के घर उठना शुरू हुई। आग की लपटे निकलने के बाद लोगों ने हल्ला मचाया। जब तक लोग पहुंच पाते, तब तक सब कुछ राख हो गया।
आग में रामअंजोर वनवासी, सुधिराम, धनीराम, करिया, लहूरी आदि के घर जल गए। आग के 20 घंटे बाद तक राजस्व विभाग ने पीड़ितों को कोई सहायता नहीं दी है।
अग्निकांड से पीड़ित वनवासियों का गुजारा मजदूरी से होता है। घर में रखा अनाज, कपड़ा, विस्तर, चारपाई, बर्तन आदि सभी सामान जलकर राख हो गए।
ग्राम प्रधान रामअंचल निषाद ने बताया कि घटना की सूचना लेखपाल को दी गई है। तहसीलदार विनीत कुमार ने बताया कि घटना संज्ञान में नहीं थी। ग्रामीणों को मदद उपलब्ध कराई जाएगी।