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प्राइवेट प्रैक्टिस करने वालों पर शिकंजा

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लोहिया संस्थान प्राइवेट प्रैक्टिस करने वालों पर क सेगा शिकंजा
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निदेशक ने कसे पेंच, डॉक्टरों लिया लिखित हलफनामा
अमर उजाला ब्यूरो
लखनऊ। डॉ. राममनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के निदेशक ने सभी डॉक्टरों को निर्देश दिया है कि वे किसी भी कीमत पर प्राइवेट प्रैक्टिस न करें। अन्यथा उन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए चिकित्सकों से हलफनामा भी लिया गया है। मालूम हो कि केजीएमयू के कई चिकित्सकों पर प्राइवेट प्रैक्टिस के आरोप लगे हैं। करीब 10 साल पहले प्राइवेट प्रैक्टिस के मामले में फंसे प्रो. सूर्यकांत को 25 मई को हुई कार्य समिति की बैठक में क्लीन चिट दी गई है, लेकिन तीन प्रमुख विभागाध्यक्ष के खिलाफ अभी भी जांच चल रही है। इसे ध्यान में रखते हुए केजीएमयू से आए लोहिया संस्थान के निदेशक प्रो. एके त्रिपाठी फूंक-फूंक कर कदम रख रहे हैं। उन्होंने संस्थान के सभी चिकित्सकों को आगाह कर दिया है। इसके लिए बाकायदे सभी चिकित्सकों से लिखित में हलफनामा लिया है।
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गुपचुप मिले सुराग तो दी चेतावनी
सूत्रों की मानें तो लोहिया संस्थान के निदेशक को कुछ डॉक्टरों के निजी प्रैक्टिस करने का पता चला था। यही वजह है कि वे लगातार कड़ाई कर रहे हैं। इसमें एक चिकित्सक संस्थान से चंद कदम की दूरी पर स्थित अस्पताल में आते-जाते देखे गए हैं। इसी तरह कैंसर के एक डॉक्टर दुबग्गा के निजी अस्पताल में प्रैक्टिस करते हैं। चिनहट के एक प्राइवेट अस्पताल में भी संस्थान के कई डॉक्टरों के जाने की बात सामने आई है। एक डॉक्टर गोमती नगर के हुसड़िया के पास भी क्लीनिक चला रहे हैं।
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