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बर्न यूनिट में 'सजा' के साथ मिलता है इलाज

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बर्न यूनिट में ‘सजा’ के साथ मिलता है इलाज
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अंबेडकरनगर। इस भीषण गर्मी में जिला अस्पताल कीइमरजेंसी व बर्न यूनिट में भर्ती होने वाले मरीजों को इलाज तो मिल जाता है, लेकिन उससे ज्यादा यातना झेलनी पड़ती है। दरअसल, बर्न यूनिट और इमरजेंसी में लगे 10 में से नौ एसी लंबे समय से खराब हैं।

एक सही एसी बर्न यूनिट में है जो कभी-कभार ही चलता है। बर्न यूनिट में भर्ती मरीजों का क्या हाल होता होगा, इसका अंदाज लगाने भर से ही सिहरन पैदा हो जाती है। बेइंतहा जलन से बेहाल मरीजों को बिना एसी के भीषण गर्मी कितनी तकलीफ होती होगी, इसका अंदाज शायद अफसरान को नहीं है।
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उन्हें इस बात की चिंता भी नहीं है कि इन हालात में मरीजों में इंफेक्शन फैलने की आशंका भी बनी हुई है। वहीं, इमरजेंसी के खराब एसी सही कराना भी काफी जरूरी है, क्योंकि बर्न यूनिट के बेड भर जाने की वजह से यहां भी झुलसे हुए मरीजों को भर्ती किया जा रहा है।

जिला अस्पताल में मरीजों की समस्याएं बढ़ती ही जा रही हैं। उसे दूर करने को लेकर ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है। भीषण गर्मी के बीच अस्पताल की इमरजेंसी व बर्न यूनिट में भर्ती होने वाले मरीजों को कई प्रकार की मुश्किलें उठानी पड़ रही हैं। मरीजों के हित को लेकर अस्पताल प्रशासन कितना गंभीर है, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि बर्न यूनिट व इमरजेंसी में कुल 10 एसी लगे हैं।

इनमें नौ लंबे समय से खराब पड़े हैं। ऐसे में संबंधित वार्ड में भर्ती होने वाले मरीजों को भीषण गर्मी में तमाम मुश्किलें उठानी पड़ रही हैं। बताते चलें कि 12 बेड वाली बर्न यूनिट में 4 एसी लगे हैं। इनमें से 3 एसी लंबे समय से खराब हैं। एक एसी चल रहा है, लेकिन अक्सर वह भी जवाब दे जाता है।

एसी के खराब होने के चलते भीषण गर्मी के चलते इंफेक्शन फैलने की आशंका बढ़ गई है। इसी प्रकार इमरजेंसी के तीन वार्ड में 6 एसी लगे हैं। सभी एसी लंबे समय से खराब हैं। ऐसे में इमरजेंसी में भर्ती होने वाले मरीजों को भीषण गर्मी में विभिन्न प्रकार की समस्याएं हो रही हैं। खराब पड़े एसी को दुरुस्त कराने की मांग लंबे समय से की जा रही है, लेकिन इन्हें दुुरुस्त कराने की सुध जिम्मेदार लोगों को नहीं है। नतीजा यह है कि भीषण गर्मी में खराब एसी का खामियाजा मरीजों व तीमारदारों को भुगतना पड़ रहा है।

जिला अस्पताल परिसर में स्थापित बर्न यूनिट में कुल 12 बेड हैं। सभी बेड पर मरीज भर्ती हैं। ऐसे में आग से झुलसे मरीजों को स्थानाभाव के चलते इमरजेंसी में ही भर्ती किया जा रहा है। इमरजेंसी में तमाम तरह के रोगों से ग्रसित मरीजों के आने से झुलसे मरीजों में संक्रमण की आशंका बनी हुई है। मंगलवार को भी आग से झुलसी महिला व उसके पति को जब जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया तो बर्न यूनिट में बेड खाली न होने के चलते उन्हें इमरजेंसी में भर्ती किया गया।
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अलीगंज के रामनिहोर व रवि ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि इमरजेंसी में लंबे समय से एसी खराब पड़े हैं। भीषण गर्मी का दौर है। आसमान से आग बरस रही है। ऐसे में इमरजेंसी में भर्ती मरीजों को मुश्किलें हो रही हैं। कटेहरी की तीमारदार सीता देवी व बेवाना के रामसकल ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि बर्न यूनिट में एसी की सख्त जरूरत है। एसी न चलने से मरीजों में इंफेक्शन फैलने की आशंका है।
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