लखनऊ से दिल्ली जा रही वीआईपी ट्रेन लखनऊ मेल रविवार को हादसे का शिकार होने से बच गई। ट्रेन की स्लीपर बोगी के बायो टॉयलेट का टैंक टेढ़ा होकर पटरी से रगड़ खाने लगा, जिससे उठी तेज आवाज से यात्री घबरा गए। आनन-फानन कंट्रोल रूम को सूचना दी गई, जिसकेबाद ट्रेन को रास्ते में रोककर चेक किया गया।
इस दौरान करीब ढाई घंटे ट्रेन खड़ी रही, जिससे लखनऊ-मुरादाबाद रूट की छह गाड़ियों का संचालन प्रभावित हुआ। मुरादाबाद मंडल के नगरिया सादात व मिलक स्टेशन के मध्य यात्रियों ने बोगी से तेज आवाज आने की शिकायत की। सुरक्षा के लिहाज से ट्रेन को तत्काल रोक दिया गया।
जब एस्कॉर्ट ने बोगी जांची तो स्लीपर की एस-1 में लगा बायो टैंक पटरी से टकरा रहा था। यह टैंक किसी सामान से टकराने के कारण टूटा हुआ था। आधे घंटे तक इसे ठीक करने की कोशिश की गई, पर ठीक नहीं हो सका, जिसकेबाद ट्रेन को रात ट्रेन को 45 किमी की रफ्तार से रामपुर की ओर रवाना किया गया। जहां इसे ठीक कर सुबह 4:35 बजे आगे रवाना किया गया। इसकी वजह से एसी एक्सप्रेस, सप्तक्रांति एक्सप्रेस, महामना एक्सप्रेस, नौचंदी एक्सप्रेस, चंडीगढ़ एक्सप्रेस का संचालन प्रभावित हुआ।
पटरी पर थे पत्थर, इमरजेंसी ब्रेक लगाया
वाराणसी से नई दिल्ली जा रही महामना एक्सप्रेस भी हादसे का शिकार होने से बच गई। ट्रेन के लोको पायलट ने पटरी पर पत्थर पड़े देखकर तुरंत इमरजेंसी ब्रेक लगा दी। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि अनूपगंज व बक्कास रेलवे स्टेशन के बीच पत्थर पड़े देखकर इमरजेंसी ब्रेक लगाया।