गोंडा। परसपुर के त्योरासी फीडर से पंडरिया गांव को गई लाइन से शुक्रवार को एक बच्चे की जान चली गई। हुआ यह कि 40 साल पुरानी लाइन का तार आए दिन टूटकर गिरता रहता है, जिससे पहले भी कई बार हादसे हो चुके हैं। शुक्रवार को भी लाइन का तार ऐसे ही टूटकर जमीन पर गिरा पड़ा था, जिसकी चपेट में आने से बच्चे की मौके पर ही मौत हो गई
मामला पंड़रिया गांव का है। जहां रहने वाले रामनेवल का बेटा कौशल (10) शुक्रवार को किसी काम से खेत की तरफ गया था। खेत में ही बिजली का तार टूटकर जमीन पर गिरा पड़ा था, जिसमें करंट आ रहा था। जैसे ही बच्चे का पैर बिजली के तार पर पड़ा, करंट लगने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद तत्काल ग्रामीणों ने इसकी सूचना बिजलीघर पर दी, जहां से लाइन तो बंद करा दी गई, पर देर शाम तक पावर कॉरपोरेशन का कोई भी कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा। इसे लेकर ग्रामीणों में आक्रोश है।
गांव के पूर्व प्रधान सत्येंद्र बहादुर सिंह सहित अन्य ग्रामीणों का आरोप है कि त्योरासी फीडर से उनके गांव को आने वाली लाइन 30 साल से भी ज्यादा पुरानी हो चुकी है, जिसके तार आए दिन टूटकर गिरते रहते हैं और हादसे होते रहते हैं। उधर, इस मामले में इलाकाई अवर अभियंता केडी वर्मा को उनके सीयूजी नंबर 8004912092 पर फोन मिलाया गया, मगर कई बार घंटी जाने के बावजूद उनका फोन रिसीव नहीं हुआ। बाद में एसडीओ पीयूष सिंह से पता चला कि केडी वर्मा को बिजलीघर से हटाकर वहां नई तैनाती डीके प्रजापति को दी गई है। अब से वही इसका काम देखेंगे। हादसे के बारे में पूछे जाने पर उनका कहना था कि उन्हें मामले की सूचना किसी से नहीं मिली है। अब पता चला है तो इसलिए उसे दिखवाया जा रहा है।