बलरामपुर। उतरौला तहसील के 100 गांवों पर अब बाढ़ व कटान की आफत नहीं आएगी। चंदापुर गांव को बचाने के लिए कोड़वार गांव के पास से करीब 5.5 करोड़ रुपये की लागत से राप्ती नदी की धारा को सीधा किया जा रहा है। राप्ती नदी की धारा सीधी करने के साथ-साथ 3.5 करोड़ रुपये की लागत से चंदापुर, नरायनपुर व करमहना तटबंध की मरम्मत भी कराई जा रही है। मानसून आने से पहले सभी कार्य चाक-चौबंद करा लिए जाएंगे। वर्ष 2014 में राप्ती नदी ने 1200 मीटर लंबा चंदापुर तटबंध को निगल लिया था जिसके चलते तहसील के करीब 135 गांवों में बाढ़ का कहर टूटता है।
यांत्रिक खंड धारा को मोड़ने में जुटा
यांत्रिक खंड के एक्सईएन पीएन सिंह ने बताया कि चंदापुर गांव के पास करीब 200 मीटर दूरी तक कोड़वार गांव से राप्ती नदी की धारा को सीधा करने का कार्य युद्ध स्तर पर किया जा रहा है। मनरेगा योजना के तहत मजदूरों को काम पर लगाया गया है। जेसीबी से राप्ती नदी की धारा को विकसित करने के लिए खोदाई कराई जा रही है। राप्ती नदी की धारा को मोड़ने में करीब 5.5 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। राप्ती नदी की धारा सीधी होने के बाद उतरौला तहसील के करीब 100 गांवों पर कटान व बाढ़ का खतरा टल जाएगा।
ड्रेनेज खंड से होगी तटबंधों की मरम्मत
एक्सईएन ड्रेनेज खंड अवनीश साहू ने बताया कि वर्ष 2014 में राप्ती नदी ने चंदापुर, नरायनपुर व करमहना गांव के पास करीब 1200 मीटर तटबंध को काटकर बर्बाद कर दिया था। राप्ती नदी की टेढ़ी धारा ने कोड़वार गांव से चंदापुर तक कई गांवों को अपनी चपेट में ले लिया था। इसके चलते तटबंध चौपट हो गए थे। तटबंधों की मरम्मत के लिए शासन ने 3.5 करोड़ रुपये की धनराशि उपलब्ध कराई है। राप्ती नदी की धारा मोड़ने के साथ-साथ चंदापुर, नरायनपुर व करमहना गांव के पास तटबंधों के मरम्मत कार्य कराए जा रहे हैं।
क्षेत्रवासियों ने की सराहना
राप्ती नदी की धारा को मोड़ने तथा तटबंधों के मरम्मत कार्य को लेकर क्षेत्रवासियों में भारी खुशी है। क्षेत्रवासी जद्दू वर्मा व बलवीर सिंह आदि का कहना है कि यदि प्रशासन यह कदम नहीं उठाता तो राप्ती नदी की बाढ़ व कटान में करीब 100 गांव के लोग तबाह हो जाते। राप्ती नदी की धारा मुड़ने से कटान पूरी तरह से रुक जाएगा। तटबंधों की मरम्मत होने से राप्ती नदी की बाढ़ का पानी गांवों में नहीं आ सकेगा।
मानसून आने से पहले पूरे होंगे कार्य
उतरौला तहसीलके कोड़वार गांव के पास राप्ती नदी की धारा को सीधी करने की जिम्मेदारी यांत्रिक खंड के अफसरों तथा चंदापुर, करमहना व नरायनपुर के पास क्षतिग्रस्त तटबंधों की मरम्मत कराने की जिम्मेदारी ड्रेनेज खंड के अफसरों को सौंपी गई है। शासन ने सभी कार्यो के लिए बजट अलॉट कर दिया है। कार्य युद्ध स्तर पर किया जा रहा है। मानसून आने से पहले सभी कार्य पूरे करा लिए जाएंगे। कार्यो के मानक व गुणवत्ता की निगरानी के लिए सदर एसडीएम अरुण कुमार गौड़ और ड्रेनेज खंड के अवर अभियंता डीएस त्रिपाठी को निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। कार्य में हीलाहवाली और लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई किए जाने की चेतावनी दी है।
-कृष्णा करुणेश, डीएम