जंगल की जमीन में कटीले तार की बाड़ लगाने की कर रही थीं खिलाफत
बिछिया/कतर्नियाघाट। कतर्नियाघाट रेंज के आबादी से सटे इलाकों में जंगल की जमीन को सुरक्षित करने के लिए तार फेंसिंग की योजना बनी थी। उसी के तहत मंगलवार को वन विभाग की टीम सेंट्रल स्टेट फार्म की जमीन में कंटीले तार की बाड़ लगाने पहुंची।
इस पर जंगल के छह गांवों की महिलाएं लाठी लेकर सामने आ गईं। सभी ने टीम का घेराव कर तार फेंसिंग का विरोध शुरू कर दिया। महिलाओं का कहना था। कि वन विभाग शौचालय का निर्माण नहीं करने दे रहा, ऐसे में जंगल का ही सहारा है। तार फेंसिंग से मुश्किलें बढ़ेंगी। विरोध के चलते वन विभाग की टीम को बैरंग लौटना पड़ा।
कतर्नियाघाट संरक्षित वन क्षेत्र के कतर्नियाघाट रेंज में आबादी से सटे जंगल परिक्षेत्र की सुरक्षा के लिए साल भर पूर्व तार फेंसिंग की कार्ययोजना बनी थी। इसका बजट विधानसभा चुनाव के बाद मंजूर हुआ था। अब वनाधिकारियों ने कटीले तार की बाड़ लगवाकर जंगल को सुरक्षित करने की कवायद शुरू की है।
उसी के तहत मंगलवार को कतर्नियाघाट रेंज के वन क्षेत्राधिकारी आरकेपी सिंह जेसीबी मशीन और टाइगर प्रोटेक्शन फोर्स के जवानों को लेकर सेंट्रल स्टेट फार्म के निकट वनग्राम टेड़िया क्षेत्र में जंगल की आबादी से सटे इलाके में तार फेसिंग करवाने पहुंचे।
सूचना पाकर नईबस्ती, टेड़िया, कैलाशनगर, निषाद नगर समेत छह गांवों की महिलाएं मौके पर एकत्रित हो गईं। सभी ने मानव दीवार बनाकर वन अधिकारियों व कर्मचारियों का घेराव शुरू कर दिया। कहा कि तार फेसिंग कतई मंजूर नहीं है। वन विभाग पक्का शौचालय बनवाने नहीं देता।
ऐसे में जंगल का ही सहारा है। लगभग एक घंटे झड़प हुई, लेकिन महिलाएं मौके से हटने को तैयार नहीं थी। सभी ने वन विभाग के खिलाफ नारेबाजी भी की। इस पर वनाधिकारियों और कर्मचारियों को उल्टे पांव लौटना पड़ा। वन क्षेत्राधिकारी ने बताया कि इस मामले में रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है।