बहराइच। नगर पालिका परिषद बहराइच आजादी के दूसरे साल अस्तित्व में आई थी। 1948 से अब तक चेयरमैन की कुर्सी पर प्रशासक और निर्वाचित चेयरमैन समेत 23 चेहरे काबिज हो चुके हैं। 69 साल में नगर पालिका परिषद बहराइच ने विभिन्न उतार-चढ़ाव का सामना किया है।
नगर पालिका परिषद बहराइच आजादी के बाद से ही विकास की गवाह है। वर्ष 1948 में बहराइच को नगर पालिका परिषद का दर्जा मिला था। पहली बार चेयरमैन की कुर्सी पर कन्हैयालाल मिश्र काबिज हुए थे। 1989 तक निर्धारित अवधि पर चुनाव होते रहे। वर्ष 1990 में पहली बार अविश्वास प्रस्ताव आया। इस पर उपाध्यक्ष तेजे खां को कार्यवाहक अध्यक्ष मनोनीत किया गया। वर्ष 1992 में नगर पालिका परिषद की कुर्सी प्रशासक के हाथों में चली गई। चार माह तक प्रशासक के सहारे कामकाज हुआ। हालांकि वर्ष 1992 के दिसंबर में हुए चुनाव में तेजे खां ने अध्यक्ष पद की कुर्सी हथिया ली थी। वर्ष 1994 में एक दिन के लिए कानूनी दांव-पेंच के चलते पुन: प्रशासक के हाथों में नगर पालिका की कमान गई। हालांकि पुन: तेजे खां ने कुर्सी संभाल ली थी। लेकिन एक माह बाद पुन: प्रशासक के हाथो में कमान दे दी गई थी। 1995 में चुनाव हुए। तब जाहिदा खातून ने अध्यक्ष पद की कुर्सी पर कब्जा किया। जबकि 2000 के चुनाव में कन्हैयालाल रूपानी ने कमान संभाली थी। उसके बाद वर्ष 2005 में एक दिसंबर को पुन: प्रशासक के रूप में तत्कालीन सीडीओ शोभनाथ बिंद ने कुर्सी संभाल ली। 2006 में हुए चुनाव में पुन: तेजे खां अध्यक्ष पद पर निर्वाचित हुए। हालांकि 2012 में हुए निकाय चुनाव में हाजी रेहान ने सीट पर कब्जा जमाया। अब पुन: चुनाव की दुंदुभी बजी है। ऐसे में मतदाताओं का रुझान किस ओर होगा? यह तो चुनाव के बाद पता चलेगा। लेकिन इतना जरूर है कि नगर पालिका परिषद बहराइच 69 वर्षों में उतार चढ़ाव के अहम दौर से गुजरी है।
2006 में बढ़ा था नगर पालिका परिषद का दायरा
नगर पालिका परिषद में वर्ष 2005 तक 25 वार्ड थे। 25 सभासद ही चुने जाते थे। लेकिन आबादी बढ़ने के साथ ही वशीरगंज वार्ड को दो भागो में बांट दिया गया। नए वार्ड के रूप में वशीरगंज उत्तरी अस्तित्व में आया। इसके अलावा चांदमारी, ढपालीपुरवा, हमजापुरा, काजीकटरा, और रायपुर राजा वार्ड गठित हुआ। जिससे वार्डों की संख्या 31 पहुंच गई।
2.23 लाख मतदाता डालेंगे वोट
नगर निकाय चुनाव में नगर पालिका परिषद बहराइच के 31 वार्डों में इस बार 223436 मतदाता इस बार वोट डालेंगे। जबकि वर्ष 2012 में मतदाताओं की संख्या एक लाख 56 हजार मतदाता थी।
नगर पालिका के चेयरमैन व प्रशासक एक नजर में-
वर्ष नाम
1948 कन्हैयालाल मिश्रा
1953 बसंतराय भंडारी
1957 मंजूर हसन
1960 सै. जरगाम हैदर
1967 मनमोहनदास
1969 बागीशपाल
1971 मनमोहनदास
1973 धर्मपाल
1989 शब्बीर अहमद
1990 अविश्वास प्रस्ताव- तेजे खां
15 अगस्त 1992 से 20 दिसंबर 92 तक प्रशासक
21 दिसंबर 92 से 19 जनवरी 94 तक तेजे खां
20 जनवरी 94 से 21 जनवरी 94 तक प्रशासक
22 जनवरी 94 से 6 फरवरी 94 तक प्रशासक
7 फरवरी 94 से 30 नवंबर 95 तक चार बार प्रशासक तैनात
वर्ष 1995 में जाहिदा खातून निर्वाचित
वर्ष 2000 में कन्हैयालाल रूपानी निर्वाचित
वर्ष 2005 में एक दिसंबर से 15 नवंबर 2006 तक प्रशासक
16 नवंबर 2006 को तेजे खां निर्वाचित
16 नवंबर 2011 से निकाय चुनाव तक निरंतर प्रशासक
2012 में हाजी रेहान चुनाव जीते