प्रदेश में अब 15 साल पुराने वाहनों पर ग्रीन टैक्स चुकाना होगा। यह वाहन के दोबारा पंजीकरण के समय लगने वाले टैक्स का 10 प्रतिशत होगा।
यानी किसी वाहन के दोबारा पंजीकरण कराने में यदि 500 रुपये टैक्स लगता है तो उसका 10 प्रतिशत यानी 50 रुपये ग्रीन टैक्स के रूप में देने पड़ेंगे। प्रमुख सचिव परिवहन कुमार अरविंद सिंह देव ने मंगलवार को इसका शासनादेश जारी कर दिया।
इसके साथ ही ग्रीन टैक्स लागू हो गया।सरकार की दलील है कि पुराने वाहनों से अधिक प्रदूषण होता है। इसलिए 15 साल से पुराने वाहनों पर ही ग्रीन टैक्स लगाया गया है।
इससे मिलने वाले राजस्व का उपयोग पर्यावरण संरक्षण में किया जाएगा। पहले एक्ट में इस तरह के टैक्स की व्यवस्था नहीं थी, इसलिए अखिलेश यादव सरकार ने इसमें संशोधन किया था।
व्यावसायिक वाहनों का पंजीकरण 10 साल के लिए ही होता है। ऐसे में 10 साल बाद इन वाहनों का दोबारा पंजीकरण कराते समय 10 प्रतिशत टैक्स देना होगा। यह दोबारा पंजीकरण के समय लगने वाले टैक्स का 10 प्रतिशत होगा।