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शिक्षामित्र दीपक द्विवेदी की हत्या का मामला

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डबल मर्डर की गुत्थी सुलझाना खाकी के लिए बना टेढ़ी खीर
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- नामजद एफआईआर तो दर्ज, लेकिन कई सवालों पर संदेह बरकरार
अमर उजाला ब्यूरो
रायबरेली। पुजारी लक्ष्मीकांत मिश्रा उर्फ शास्त्री और उसके पोते निर्भयानंद मिश्रा के मर्डर की गुत्थी सुलझाना खाकी के लिए टेढ़ी खीर साबित हो रहा है। इस मामले में पीड़ित परिवार ने भले ही नामजद एफआईआर दर्ज करा दी है, लेकिन कई सवाल ऐसे हैं, जिस पर संदेह बरकरार हैं। ग्रामीण लूट के लिए मर्डर किए जाने की आशंका जता रहे हैं। पुलिस भी कई बिंदुओं पर जांच कर रही है।
शिवगढ़ थाना क्षेत्र के पारा खुर्द गांव में जिस तरह रविवार रात पुजारी और उसके पोते की हत्या की गई, उस घटना का खौफ ग्रामीणों के चेहरे पर अब तक बरकरार है। ग्रामीण आशंका जता रहे हैं कि लूट के इरादे से भी हत्या की जा सकती है। साथ ही पुजारी तांत्रिक का कार्य करते थे। हो सकता है कि तांत्रिक कार्य को लेकर किसी से विवाद हो गया हो। वहीं इस मामले में मृतक पुजारी के बेटे सुधीर कुमार मिश्रा ने बछरावां थाना क्षेत्र के हसनपुर गांव के रजनीश, जितेंद्र और ललित दीक्षित के खिलाफ केस दर्ज कराया है।
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वादी का आरोप है कि रजनीश, जितेंद्र अपने भाई ललित के साथ मेरी बेटी के साथ जबरन शादी कराने का दबाव बना रहे थे। इसको लेकर जानमाल की धमकी दे रहे थे। सवाल ये उठता है कि वादी की बेटी की शादी तो हो गई थी। घटना को अंजाम देना होता तो तब देते। बाद में ऐसा क्यों करेंगे। कुछ ऐसे ही सवाल जो संदेह पैदा कर रहे हैं। एसपी गौरव सिंह का कहना है कि घटना के हर पहलू पर जांच की जा रही है। जल्द डबल मर्डर की हकीकत सामने आएगी।
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इंसेट :
खाकी की पकड़ से दूर शिक्षामित्र के हत्या आरोपी
रायबरेली (ब्यूरो)। शिक्षामित्र दीपक द्विवेदी की हत्या के मामले पुलिस ने केस जरूर दर्ज कर लिया है, लेकिन इसे ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है। यही वजह है कि वारदात के कई दिन बाद भी इस मामले में कार्रवाई नहीं की गई है। मिल एरिया थाना क्षेत्र के दोहरी गांव निवासी एवं शिक्षामित्र दीपक द्विवेदी (22) की 27 मई को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। परिवारीजनों का आरोप था कि प्रेमिका व उसके भाई ने दीपक की गोली मारकर हत्या की है। शिक्षामित्र की हत्या के मामले में प्रेमिका सरोज यादव उसके भाई मनोज के खिलाफ केस दर्ज की किया था। होते करते 10 दिन का समय बीत गया है, लेकिन इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई है। इससे पीड़ित परिवार खफा है। थानेदार विजय प्रताप यादव का कहना है कि मामले की जांच चल रही है। जल्द मामले में नामजद आरोपियों को पकड़ा जाएगा।
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