अपनों की बेरुखी से मिट रही हरियाली
- बिना परमिट के ही हरे पेड़ों पर चल रही कुल्हाड़ी
अमर उजाला ब्यूरो
रायबरेली। जिले मेें अपनों की बेरुखी से हरियाली मिट रही है। बिना परमिट के हरे पेड़ों पर कुल्हाड़ी चलाई जा रही है। हर साल लाखों की संख्या में पौधरोपण तो किया जाता है, लेकिन उनकी देखभाल नहीं की जाती है। ऐसे में बमुश्किल 30 फीसदी पौधे ही सुरक्षित रह पाते हैं। किसी क्षेत्र में सिंचाई तो किसी क्षेत्र में मवेशियों के चट कर जाने से पौधों का अस्तित्व खत्म हो जाता है। यह हाल तब है, जब हर साल विश्व पर्यावरण दिवस मनाया जाता है, लेकिन इसको लेकर जागरूकता नहीं आई है। पर्यावरण दिवस का मकसद प्रदूषण को रोकना भी है। बावजूद यहां पर विभागीय अधिकारी प्रदूषण रोकने में नाकाम साबित हो रहे हैं। वायु, ध्वनि, जल प्रदूषण दिनोंदिन बढ़ता जा रहा है, जो चिंता का विषय है।
प्रदूषण के चलते लोग बीमारियों तक की चपेट में आ रहे हैं। प्रदूषण विभाग की ओर से नदियों को साफ सुथरा बनाने की योजना कागजों तक सीमित रह गई है। यहां तक प्रदूषण रोकने के लिए वाहन मालिकों पर कार्रवाई के नाम पर खानापूरी की जा रही है। इस बार जिले में 12 लाख आठ हजार पौधे रोपित किए जाएंगे। वन विभाग के अलावा अन्य विभागों को भी पौधरोपण करने की अलग-अलग जिम्मेदारी दी गई है। इसके लिए वन विभाग की नर्सरियों में 15 लाख पौधे तैयार कराए गए हैं। वन विभाग को छोड़कर विकास, पावर कॉर्पोरेशन, शिक्षा विभाग समेत अन्य विभागों को 91 हजार 80 पौध रोपित करने का लक्ष्य दिया गया है।
इनसेट
कहां पर कौन से पौधे होंगे रोपित
वन विभाग के अफसरों के मुताबिक ऊसर क्षेत्र में कंजी, सामान्य भूमि में सागौन, शीशम, पाकर, पीपल, चिलवल आदि के पौधे रोपित किए जाएंगे। इसके अलावा जिले के विभिन्न हाईवे व सड़कों के किनारे आम के पौधे रोपित कराई जाएंगे। पिछले साल भी सड़कों के किनारे आम के पौधे रोपित किए गए थे।
इनसेट
पेड़ कटान पर होती कार्रवाई : डीएफओ
डीएफओ उमाशंकर दोहरे का कहना है कि जिले के हरा भरा बनाने के पूरे प्रयास किए जा रहे हैं। इस साल भी पौधरोपण का लक्ष्य तय कर लिया गया है। जहां पर भी पेड़ काटने की सूचना मिलती है तो टीम भेजकर कार्रवाई कराई जाती है।
इनसेट
प्रदूषण रोकने के हो रहे प्रयास : आरके सिंह
जिला प्रदूषण अधिकारी आरके सिंह का कहना है कि प्रदूषण रोकने के लिए नदियों को साफ सुथरा बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। फैक्ट्रियों मालिकों को चेतावनी देकर गंदा पानी का जलभराव न होने की हिदायत भी दी गई है। लोगों को जागरूक भी किया जाता है।
इनसेट
वाहन मालिकों पर की जाती कार्रवाई : अरविंद पांडेय
ट्रैफिक इंचार्ज अरविंद पांडेय का कहना है कि प्रदूषण रोकने के लिए वाहन मालिकों पर कार्रवाई की जाती है। मई माह में चेकिंग करके 500 से ज्यादा वाहनों का चालान किया गया। हर दिन बकायदा चेकिंग कराई जाती है।