द्वारपूजा में हर्ष फायरिंग से चार घायल
- मालीपुर के बरौली आशानंदपुर गांव में घटना से मची अफरातफरी
- तीन घायलों की हालत गंभीर, ट्रॉमा सेंटर लखनऊ रेफर
अमर उजाला ब्यूरो
जलालपुर/मालीपुर। मालीपुर थाना क्षेत्र के बरौली आशानंदपुर गांव में शुक्रवार रात शादी में द्वारपूूजा के समय हुई हर्ष फायरिंग में चार लोग घायल हो गए। घटना से मौके पर अफरातफरी मच गई। ग्रामीणों ने फायरिंग करने वाले बाराती को पकड़कर जमकर उसकी पिटाई की, मगर बाद में मौका पाकर वह भाग गया। पुलिस ने उसकी लाइसेंसी बंदूक कब्जे में ले ली है। चारों घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां से डॉक्टरों ने तीन को गंभीर हालत में ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया। तहरीर नहीं मिलने के चलते प्रकरण में अभी रिपोर्ट नहीं दर्ज हुई है।
मालीपुर थाना क्षेत्र के बरौली आशानंदपुर गांव में शुक्रवार को दीप नारायण शुक्ल की पुत्री का विवाह था। बारात अकबरपुर थाना क्षेत्र के मीरपुर शेखपुर गांव से आई थी। देर रात बाराती डांस करते हुए दूल्हे अनूप के साथ कन्या पक्ष के दरवाजे पर पहुंचे। द्वारपूजा शुरू ही हुई थी कि इसी बीच बारात में आए महरुआ थाना क्षेत्र के घनेपुर निवासी कुलदीप सिंह ने अपनी लाइसेंसी बंदूक से हर्ष फायरिंग शुरू कर दी। आरोप है कि, नशे में धुत कुलदीप बंदूक लेकर नाच रहा था। इसी दौरान वह लड़खड़ा गया और गोली चल गई। इससे छर्रे लगने से बाराती रामआशीष (22) निवासी करम हुसैनपुर थाना बेवाना, सिद्धार्थ (20) निवासी वीरपुर सेखपुर महरुआ, रामआसरे (34) निवासी अंधियरवा अकबरपुर और घराती रामजग शर्मा (80) निवासी खालिसपुर भटौली घायल हो गए। सभी घायलों को तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया गया। जहां डॉक्टरों ने हालत गंभीर देख सिद्घार्थ, रामआशीष व रामआसरे को ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया, जबकि रामजग का इलाज किया जा रहा है।
उधर हर्ष फायरिंग से बारात में भगदड़ सी मच गई। गोली लगने से चार लोगों के घायल होने से नाराज लोगों ने हर्ष फायरिंग करने वाले कुलदीप सिंह को पकड़ लिया और जमकर उसकी जमकर पिटाई कर दी। इस बीच अंधेरे का फायदा उठाकर कुलदीप मौके से भाग गया, जबकि उसकी बंदूक वहीं छूट गई। खबर पाकर पहुंची पुलिस ने बंदूक कब्जे में ले ली है। इसके बाद देर रात वैवाहिक आयोजन हुआ।
प्रभारी थानाध्यक्ष शशिकांत ने बताया कि अभी तहरीर नहीं मिली है। तहरीर मिलते केस दर्ज कर कार्रवाई सुनिश्चित होगी। वहीं, इस संबंध में एसपी सुधीर सिंह का कहना है कि, इस तरह के मामलों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सभी थाना प्रभारियों को नए सिरे से निर्देशित किया जा रहा है।