रायबरेली। राष्ट्रीय स्तर की चिकित्सा प्रवेश परीक्षा नीट में किसान के बेटे ने अच्छी रैंक हासिल करके जिले में टॉप किया है। गांव से साइकिल से जिला मुख्यालय आकर किसान के बेटे ने संशिक्षा अकादमी से परीक्षा की पूरी तैयारी की। इसके अलावा चार और मेधावियों ने यह परीक्षा पास करके जिले का नाम रोशन किया है।
राष्ट्रीय स्तर की चिकित्सा प्रवेश परीक्षा नीट का रिजल्ट सोमवार को घोषित हुआ। सदर तहसील क्षेत्र के पूरे रामदास मजरे भदोखर निवासी किसान रामबरन के बेटे विनय कुमार यादव ने 720 में 555 अंक प्राप्त करके जिले में पहला स्थान हासिल किया है। दूसरे स्थान पर एसबीआई बैंक के कर्मचारी आलोक मोहन खरे के बेटे श्रेयांश खरे कोे 720 में 553 अंक मिले। इसके अलावा मोनिका चौधरी को 528 अंक, अवंतिका सिंह को 521 अंक और अदिति मिश्रा को 521 अंक मिले। सभी होनहारों ने संशिक्षा अकादमी में ही तैयारी की थी।
किसान के बेटे विनय का कहना है कि उसके पिता खेतीबाड़ी करते हैं। भाई अमरेश कुमार गाड़ी चलाते हैं। उसने जिला मुख्यालय साइकिल से जाकर संशिक्षा अकादमी में परीक्षा की तैयारी की। उसने बताया कि उसे उम्मीद थी कि उसका नाम नीट की परीक्षा में आ जाएगा। उनके अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता और अकादमी के शिक्षकों को दिया। अकादमी के निदेशक अभिषेक निरंजन और नीरज सोनी ने सभी होनहारों को सफलता पर बधाई दी है।