50 विभाग का 68 करोड़ का बजट लैप्स
रायबरेली। वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन अफसरों ने खूब पसीना बहाया, लेकिन करीब 68 करोड़ रुपये नहीं बचा पाए। अंतिम समय तक बजट खर्च करने की बहुत कोशिश की पर धनराशि बिना खर्च किए लैप्स हो गई।
बेसिक शिक्षा अधिकारी रुपये खर्च करने में सबसे पीछे रहे। बेसिक शिक्षा विभाग के सबसे ज्यादा 32.45 करोड़ रुपये बिना खर्च हुए लैप्स हो गए।
जबकि पशु पालन विभाग 4.16 करोड़ रुपये बिना खर्च किए लैप्स करवा कर इस क्रम में दूसरी पायदान पर रहा। समाज कल्याण अधिकारी व जिला पंचायतराज अधिकारी भी तीन-तीन करोड़ खर्च नहीं कर पाए। एसपी दो करोड़ और मुख्य चिकित्सा अधिकारी 1.88 करोड़ रुपये लैप्स होने से नहीं बचा सके।
साल भर सरकारी धन संभाले रखे विभागों ने मार्च में बजट ठिकाने लगाने की खूब कोशिश की। अंतिम दिन भी सुबह से ही बजट ठिकाने लगाने का काम शुरू हुआ।
शाम छह बजे तक कोषागार में प्रस्तुत सभी बिलो का भुगतान कर दिया गया। खासकर शिक्षा, स्वास्थ्य, पुलिस, सिंचाई आदि विभागों के अफसर शत प्रतिशत बजट को खर्च नहीं कर पाए। कुल 68 करोड़ से ज्यादा का धन बिना खर्च किए लैप्स हो गया।