सीतापुर। बैनामे की प्रक्रिया ऑनलाइन होने के विरोध में दस्तावेज लेखक सोमवार से कलमबंद हड़ताल पर चले गए हैं। दस्तावेज लेखकों ने सरकार का यह फरमान उनकी रोजी-रोटी छीनने वाला बताया। बैनामा लेखकों की इस हड़ताल से रजिस्ट्री दफ्तर का कामकाज प्रभावित हुआ है। रजिस्ट्री का काम ठप होने से लगभग दो लाख रुपये के राजस्व की क्षति हुई।
सदर तहसील के बैनामा लेखकों ने सोमवार से कलमबंद हड़ताल शुरू कर दी है। हड़ताल करते हुए दस्तावेज लेखकों ने सरकार से ऑनलाइन रजिस्ट्री सेवा को बंद करने की मांग की। कहा कि सरकार के इस फैसले से बैनामा लेखकों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो जाएगा, जिससे सैकड़ों परिवार प्रभावित होंगे। इसलिए सरकार को अपने फरमान में सुधार करना चाहिए। बैनामा लेखकों के मुताबिक यदि ऑनलाइन प्रक्रिया लागू करना आवश्यक है, तो इस तरह से लागू की जाए कि इससे जुड़े लोगों को नई व्यवस्था में भी पहले की तरह भूमिका हो, ताकि उनकी जीविका भी चलती रहे। उधर, दस्तावेज लेखकों की कलमबंद हड़ताल से रजिस्ट्री का काम प्रभावित रहा। यहां रोजाना औसतन 20 से 22 रजिस्ट्री होती हैं। हड़ताल के चलते रजिस्ट्री का काम ठप होने से करीब दो लाख रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ है। रजिस्ट्रार श्याम सिंह बिसेन ने बताया कि हड़ताल के चलते सामान्य कामकाज नहीं हो पाया। हड़ताल लंबी चलने पर राजस्व का भारी नुकसान हो सकता है।
बैनामा लेखकों व स्टांप विक्रेताओं ने किया कार्य बहिष्कार
कलेक्ट्रेट परिसर में बैनामा लेखक एवं स्टांप विक्रेताओं ने बैनामा रजिस्ट्री ऑनलाइन किए जाने के विरोध में कार्य बहिष्कार किया। इस दौरान उन्होंने प्रदर्शन कर एडीएम विनय पाठक को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा कि बैनामा रजिस्ट्री का काम ऑनलाइन होने से बैनामा लेखक एवं समस्त स्टांप विक्रेताओं का रोजगार छिन जाएगा। हमारे जीवनयापन का यही एकमात्र जरिया है। सरकार से यह फैसला वापस लेने की मांग करते हुए बैनामा लेखकों व स्टांप विक्रेताओं ने चेतावनी दी है, कि जब तक कोई हल नहीं निकलता है, तब तक अनिश्चितकालीन तक कलमबंद हड़ताल जारी रखेंगे। इस मौके पर पीर मोहम्मद, अनिल गुप्ता, संतोष, सौरभ श्रीवास्तव, मुशर्रफ हुसैन, सुरेश शुक्ला, अवधेश श्रीवास्तव, कपिल कुमार, राकेश भार्गव आदि मौजूद थे।