सहायक अध्यापक पद से समायोजन निरस्त होने के बाद शिक्षामित्रों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है। गुरुवार को इसी गुस्से व गम के साथ सिर पर कफन लपेटकर हजारों की संख्या में शिक्षामित्र सड़क पर उतर आए और गांधी पार्क से कलेक्ट्रेट तक पैदल मार्च निकाला। अंबेडकर चौराहे पर शिक्षामित्र सड़क पर लेट गए और मार्ग जाम कर दिया। सरकार की चुप्पी से नाराज शिक्षामित्रों ने मोदी व योगी सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और शुक्रवार से सभी प्राथमिक स्कूलों को बंद कराने का एलान करते हुए एसडीएम व बीएसए को ज्ञापन सौंपा और समायोजन को बहाल कराने की मांग की।
जिले के 1950 शिक्षामित्र दो चरणों में समायोजित होकर सहायक अध्यापक के पद पर नौकरी कर रहे थे। दो दिन पहले शीर्ष अदालत ने इनके समायोजन को निरस्त कर दिया। इस फैसले के बाद बुधवार से ही शिक्षामित्र बेमियादी हड़ताल पर चले गए हैं। शिक्षामित्रों को प्रदेश सरकार से राहत की उम्मीद थी, लेकिन सरकार ने इस मसले पर चुप्पी साध रखी है। प्रदेश सरकार की इस चुप्पी से शिक्षामित्रों की नाराजगी बढ़ने लगी है। प्रदेश सरकार के रुख के खिलाफ गुरुवार को हजारों की संख्या में शिक्षामित्र नगर के गांधी पार्क में इकट्ठा हुए और गांधी पार्क से लेकर कलेक्ट्रेट तक पैदल मार्च निकाला। मार्च में शामिल सभी महिला व पुरुष शिक्षामित्रों ने अपने सिर पर कफन लपेट रखा था। मार्च कर रहे शिक्षामित्र अंबेडकर चौराहे पर सड़क पर लेट गए और सड़क जाम करने प्रयास किया हालांकि क्षेत्राधिकारी सदर के समझाने के बाद वह आगे बढ़ गए। कलेक्ट्रेट पहुंचने पर यह पैदल मार्च धरने में तब्दील हो गया और सभी शिक्षामित्र कलेक्ट्रेट जाने वाले रास्ते पर ही धरने पर बैठ गए। धरने में शामिल शिक्षामित्रों ने केंद्र व प्रदेश सरकार पर शिक्षामित्रों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए मोदी व योगी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। धरने को संबोधित करते हुए उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के मीडिया प्रभारी अवधेशमणि मिश्रा, प्रद्युम्न शुक्ल व जितेंद्र नाथ तिवारी ने प्रदेश सरकार पर आरोप लगाया कि प्राथमिक शिक्षा को अपने खून-पसीने से सींचने वाले शिक्षामित्र अपनी जान दे रहे हैं और सरकार में बैठे लोग चुप्पी साधे हुए हैं। धरने के बाद शिक्षामित्रों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी सदर वीके सिंह व जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संतोष कुमार देव पांडेय को सौंपा और समायोजन के लिए सरकार से पुनर्विचार याचिका दाखिल करने की मांग की। इसके साथ ही शिक्षामित्रों ने एक स्वर में शुक्रवार से सभी प्राथमिक स्कूलों में तालाबंदी कराने का एलान किया है। इस मौके पर जितेंद्र प्रकाश ओझा, रामलाल साहू,राजेंद्र वर्मा, अभिमन्यु प्रसाद मिश्र, सत्यव्रत सिंह, रामभाल त्रिपाठी, सुषमा पांडेय, सुमन पांडेय, नीलू मिश्रा, अनीता गुप्ता, डेजी सिंह, संजूलता तिवारी, अंजू पांडेय, सुनीता शुक्ला समेत हजारों की संख्या में महिला व पुरुष शिक्षामित्र मौजूद रहे।
भावुकता में बीएसए से भिड़ी शिक्षामित्र
गोंडा। कलेक्ट्रेट परिसर में धरना दे रहे शिक्षामित्रों को समझाने के लिए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संतोष कुमार देव पांडेय कलेक्ट्रेट पहुंचे और उनसे सहानुभूति जताई। इस दौरान एक महिला शिक्षामित्र बीएसए से भिड़ गई। महिला शिक्षामित्र का कहना था कि वह बेहद ही साधारण परिवार की है और इसी नौकरी से उसके परिवार का गुजारा हो रहा था लेकिन अब समायोजन निरस्त होने के बाद उसके परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। यह बताते हुए वह बेहद भावुक हो गई और उसके आंख से आंसू छलक पड़े। बीएसए ने शिक्षामित्रों की बात को ऊपर तक पहुंचाने का भरोसा दिलाया और सभी से धैर्य बनाए रखने की अपील की है।