रायबरेली से कानपुर जा रही पैसेंजर ट्रेन में बुधवार रात बम रखे जाने की सूचना से रेल अफसरों और पुलिस में हड़कंप मच गया। अफरा-तफरी में 14 ट्रेनें रोक दी गईं।
उन्नाव रेलवे स्टेशन पर इनकी सघन तलाशी ली गई। एटीएस और जीआरपी को तलाशी में कोई बम नहीं मिला तो अफसरों ने राहत की सांस ली। इसके बाद फर्जी सूचना देने वाले शख्स की तलाश शुरू हुई।
सर्विलांस के जरिए खीरों पुलिस ने मामले में एक युवक को पकड़कर उसके पास से मोबाइल और 315 बोर का तमंचा बरामद किया। पूछताछ में उसने अजीबोगरीब बात कही।
बोला, उसने सपना में देखा था कि आतंकवादी बम से ट्रेन उड़ाने वाले हैं, इसलिए सूचना दी। हालांकि, युवक के खिलाफ धोखाधड़ी, फर्जी सूचना देने और आर्म्स एक्ट में मुकदमा दर्जकर जेल भेज दिया गया है।
एसपी सुनील कुमार सिंह ने बताया कि रात में कंट्रोल रूम और पीआरवी 1760 को सूचना मिली थी कि रायबरेली से कानपुर जाने वाली पैसेंजर ट्रेन में बम रखा है।
इस पर वह आनन-फानन में रघुराज रेलवे स्टेशन पहुंचे। कुछ ही देर में एसओ अमरनाथ यादव, एसआई सुरेश सिंह भी पहुंच गए। स्टेशन मास्टर ने बताया कि पैसेंजर ट्रेन नंबर 54101 इलाहाबाद-कानपुर 40 मिनट पहले रवाना हो गई है और बीघापुर (उन्नाव) क्रॉस कर रही है। इसके बाद सूचना उन्नाव रेलवे स्टेशन को दी गई। यह खबर सुनते ही रेलवे के अफसरों व जीआरपी में हड़कंप मच गया।
एटीएस और जीआरपी के अफसरों ने उन्नाव रेलवे स्टेशन पर ट्रेन खड़ी कराकर तलाशी शुरू कर दी गई। इस बीच रेलवे स्टेशन पर गरीब रथ, लक्ष्वी एक्सप्रेस, वैशाली एक्सप्रेस समेत 14 ट्रेनें रोककर तलाशी ली गई। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि एटीएस और जीआरपी की सघन तलाशी में बम नहीं मिला।
मामले में लालाखेड़ा मजरे सकतपुर निवासी गुरु प्रसाद को गिरफ्तार किया गया। एसपी के मुताबिक, पकड़े गए युवक ने आतंकवादी द्वारा ट्रेन में बम रखने का सपना देखने की बात कही है। इसी को सूचना देने का आधार बताया है। उनके मुताबिक, युवक के बारे में और जानकारियों जुटाई जा रही हैं।
फोन करने के बाद नंबर भी कर लिया बंद
एसओ अमरनाथ यादव का कहना है कि पकड़े गए युवक ने 9170762410 मोबाइल नंबर से ट्रेन में बम होने की सूचना दी थी। सूचना देने के बाद गुरु प्रसाद ने मोबाइल बंद कर लिया। सर्विलांस के जरिए उसका नंबर ट्रेस कर दबोच लिया गया। कड़ाई से पूछताछ की गई तो उसने सारी बात बता दी।
कोई पछतावा नहीं, हंसता रहा
प्रेस कान्फ्रेंस के दौरान गुरु प्रसाद के चहरे पर कोई पछतावा नहीं दिखा। वह लगातर हंसता रहा। शिक्षा के बारे में पूछने पर उसका कहना था कि आठवीं फेल और सातवीं पास हैं। यह सुनकर वहां पर मौजूद सभी लोग हंस पड़े। उसका कहना था कि सपना देखकर यात्रियों की जान बचाने के लिए उसने सूचना दी।