मुख्य सचिव राजेंद्र कुमार तिवारी।
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कोरोना संकट के बावजूद प्रदेश में विकास कार्य नहीं थमे। चालू वित्तीय वर्ष में 31 जनवरी तक पिछले वित्तीय वर्ष की इसी अवधि के मुकाबले ढांचागत विकास सुविधाओं जैसे संस्थागत भवनों, मेडिकल कॉलेजों, एक्सप्रेस-वे, सड़क व मेट्रो आदि पर 14 फीसदी ज्यादा खर्च किया गया। मुख्य सचिव आरके तिवारी ने बुधवार को ये बातें ‘अमर उजाला’ से बातचीत में कही। उन्होंने कहा कि इससे पता चलता है कि कोराना के कारण पैदा हुई स्थितियों में भी राज्य सरकार का प्रबंधन बेहतर रहा।
प्रदेश में कानून-व्यवस्था पर मुख्य सचिव ने कहा कि माफिया के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गई। इससे कानून-व्यवस्था बेहतर स्थिति में है। उन्होंने कहा कि किसानों के हित में कई कदम उठाए गए हैं। न्यूनतम समर्थन मूल्य पारदर्शी ढंग से उनके खाते में पहुंचाया जा रहा है। छात्रवृत्ति एवं अन्य कल्याणकारी योजनाओं में डीबीटी अनिवार्य कर दी गई है। इसी का परिणाम है कि गड़बड़ियों की गुंजाइश खत्म हो गई है। सीधे लाभार्थियों के खाते में राशि पहुंचाई जा रही है। वहीं, कोरोना टीकाकरण के संबंध में उन्होंने कहा कि प्रदेश में अभी तक 6.73 लोगों को वैक्सीन लगाई जा चुकी है, लेकिन एक भी नकारात्मक प्रभाव का केस नहीं आया है।
स्कूटर से गड्ढा ‘खोदने’ वाले वन अफसरों पर होगी कार्रवाई
मुख्य सचिव ने एक सवाल के जवाब में कहा कि वन विभाग में पौधरोपण के लिए स्कूटर व मोपेड से गड्ढे खोदने का मामला उनकी जानकारी में है। जांच के बाद दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।