लखनऊ। चिनहट के मटियारी स्थित इंडियन ओवरसीज बैंक के लॉकर तोड़कर करोड़ों के गहने व नकदी चोरी करने के मामले में मंगलवार को पुलिस ने 14 पीड़ितों को उनके जेवर लौटाए। एसीपी विभूतिखंड विनय कुमार द्विवेदी ने लॉकधारकों से उनके जेवर की पहचान कराई। कोर्ट के आदेश पर लोगों को उनके गहने सौंपे गए।
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चोर 22 दिसंबर की रात में दीवार तोड़कर बैंक के भीतर दाखिल हुए थे। इस मामले में केस दर्ज कर पुलिस ने छानबीन शुरू की। मुठभेड़ में दो आरोपी मारे गए थे। वहीं, अन्य को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। पुलिस ने आरोपियों के पास से बड़ी मात्रा में गहने बरामद किए थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए डीसीपी ने बरामद माल की शिनाख्त व माल के वास्तिवक लाॅकर स्वामी को सौंपने के लिए टीम का गठन किया था।
एसीपी विभूतिखंड के नेतृत्व में गठित टीम ने विडियोग्राफी कराते हुए लाॅकर स्वामियों से सोने-चांदी के जेवरात की पहचान कराई। इसके बाद उनके लॉकर नंबर से संबंधित बॉक्स बनाकर सदर मालखाना में सुरक्षित रखवाया गया था। कोर्ट के आदेश पर मंगलवार को 14 लाॅकर स्वामियों को उनके जेवर वापस मिल गए। इस मामले में कई लॉकर स्वामियों ने जेवर नहीं मिलने के आरोप भी लगाए थे। यही नहीं, बरामदगी में गड़बड़ी के आरोपों पर कुछ पुलिसकर्मी लाइनहाजिर भी किए गए थे।