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मथुरा के 14 आईटीआई ने हड़पे शुल्क भरपाई योजना के करोड़ों रुपये, जांच में हुआ चौंकाने वाला खुलासा

Mon, 23 Nov 2020 10:09 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
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आईटीआई - फोटो : अमर उजाला
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प्रदेश में छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति योजना की धनराशि हड़पने का नया मामला अब मथुरा में मिला है। वहां के 14 मान्यता विहीन औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) ने इसमें करोड़ों रुपये का घपला किया गया है। 
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जांच में स्टेट काउंसिल फॉर वोकेशनल ट्रेनिंग (एससीवीटी) और संबंधित मंडलीय संयुक्त निदेशक, प्रशिक्षण एवं रोजगार की भूमिका संदिग्ध पाई गई है। 

गौरतलब है कि शासन के निर्देश पर मथुरा जिले में संचालित सभी आईटीआई को छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति योजना के तहत दी गई धनराशि की जांच कराई गई थी। इसके लिए समाज कल्याण निदेशालय ने संयुक्त निदेशक जे राम की अध्यक्षता में तीन सदस्य कमेटी बनाई थी। 

इस कमेटी ने रिपोर्ट दे दी है। इसमें गंभीर वित्तीय घोटाले का खुलासा किया गया है। कमेटी ने रिपोर्ट में कहा है कि इन 14 मान्यताविहीन संस्थानों और उनके संचालकों के विरुद्ध संबंधित थाने में गबन की एफआईआर दर्ज की जाए। 
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साथ ही इनसे तीन करोड़ 73 लाख 47 हजार 37 रुपये की वसूली की जाए। इन 14 शिक्षण संस्थानों समेत कुल 18 शिक्षण संस्थानों में 3,868 छात्रों के परीक्षा में शामिल न होने और पाठ्यक्रम को अधूरा छोड़ देने के कारण गलत ढंग से छात्रवृत्ति एवं शुल्क की भरपाई की गई। इससे 7 करोड़ 39 लाख रुपये का अपव्यय हुआ। 

रिपोर्ट के मुताबिक इन संस्थाओं के छात्रों के हाईस्कूल प्रमाणपत्रों की जांच कर कूटरचित पाए गए प्रमाण पत्रों के आधार पर किए गए भुगतान की भी वसूली होनी चाहिए।

जांच कमेटी ने दोषी संस्थाओं को छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति के लिए काली सूची में डालने की संस्तुति की है। वहीं, मान्यताप्राप्त संस्थानों की मान्यता खत्म करने के लिए महानिदेशक, प्रशिक्षण महानिदेशालय, कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय, भारत सरकार और व्यावसायिक शिक्षा विभाग व निदेशक, प्रशिक्षण एवं रोजगार उत्तर प्रदेश को सिफारिश की गई है। 

रिपोर्ट में कहा गया है कि मान्यताविहीन संस्थानों में प्रवेश पाने वाले छात्रों को परीक्षा में शामिल कराने के लिए स्टेट काउंसिल फॉर वोकेशनल ट्रेनिंग, लखनऊ की भूमिका संदिग्ध है। इसकी जांच व्यावसायिक शिक्षा विभाग से कराई जाए। 
 
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मथुरा के इन 14 संस्थानों ने अनुचित लाभ 

राज आईटीआई राया, अमर प्राइवेट आईटीआई, बृजधाम प्राइवेट आईटीआई, सीसीएल प्राइवेट आईटीआई अड्डा करब, चौधरी दरियाब सिंह प्राइवेट आईटीआई, जीजी प्राइवेट आईटीआई, पंडित हुकुम सिंह प्राइवेट आईटीआई अतस वृंदावन, आरडी प्राइवेट आईटीआई, रामवती देवी प्राइवेट आईटीआई, एसडी प्राइवेट आईटीआई मांट, सपना आईटीआई नटवर नगर, श्री जसवंत सिंह आईटीआई फोंडर, श्री शिवम प्राइवेट आईटीआई और श्री विजय सिंह पचैया आईटीआई जजन पट्टी।
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