डेस्क न्यूज, अमर उजाला, अलीगढ़।
प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत गरीबों के लिए ईडब्ल्यूएस श्रेणी का मकान बनाने के लिए बिल्डरों के चयन प्रक्रिया में सरकार ने बदलाव कर दिया है। विकास प्राधिकरणों और आवास विकास परिषद के स्तर पर ही बिल्डरों का चयन किया जाएगा। यह काम अब तक प्रदेश स्तर पर आवास बंधु द्वारा किया जाता था। इस व्यवस्था में कई तरह की व्यावहारिक दिक्कतों को देखते हुए आवास विभाग ने बिल्डरों के चयन प्रक्रिया में संशोधन कर दिया है।
इस घटक केअर्न्तगत गरीबों के लिए दुर्बल आय वर्ग (ईडब्ल्यूएस) और मध्यम आय वर्ग (एमआईजी) के लिएमकान बनाने हैं। मौजूदा व्यवस्था में इस श्रेणी का मकान बनाने के लिए बिल्डरों के चयन का काम अवास बंधु की अध्यक्षता में गठित समिति करती थी। लेकिन अब यह जिम्मेदारी विकास प्रधिकरणों को सौंप दिया गया है। इसके लिए कुछ विकास प्राधिकरणों का एक समूह (नोडल) बनाया गया है, जो अपने साथ ही उन विकास प्राधिकरणों के लिए बिल्डरों का चयन करेंगे. जिन्हें समूह में शामिल नहीं किया गया है।
इसी तरह आवास विकास परिषद के स्तर पर भी बिल्डर चयन की प्रक्रिया निर्धारित की गई है। विकास प्राधिकरण और औद्योगिक विकास प्राधिकरण के कार्यक्षेत्र को छोड़कर आवास विकास परिषद अपने लिए बिल्डर का चयन कर सकेंगे। इसके अलावा परिषद द्वारा ऐसे क्षेत्रों में पीएमवाई योजना के क्रियाव्यन के लिए भी बिल्डर चयन किया जाएगा जो क्षेत्र न तो विकास प्राधिकरण क्षेत्र में हैं और न ही आवास विकास परिषद के क्षेत्र में है। यानि प्रस्तावित परियोजना का वह क्षेत्र जो प्राधिकरण व परिषद के सीमा क्षेत्र से बाहर है। बताते चलें कि जनपद में एडीए को महानगरीय इलाके में 800 मकानों का निर्माण कराना है।
कमिश्नर की अध्यक्षता में समिति गठित
बिल्डरों की चयन प्रक्रिया निर्धारित करने के साथ ही स्थानीय स्तर पर कमिश्नर की अध्यक्षता में एक समिति का भी गठन किया गया है। यह समिति पीएमएवाई की योजना के क्रियान्वयन व प्रगति की समीक्षा, कठिनाइंयों के निस्तारण के अलावा बिल्डरों व आवंटियों की शिकायतों का निस्तारण भी करेगी। यह समिति हर सप्ताह में योजना की प्रगति की समीक्षा करेगी और अपनी रिपोर्ट आवास बंधु के माध्यम से आवास विभाग को उपलब्ध कराएगी। आवास बंधु भी अपने स्तर से योजनाओं की समीक्षा करेगा।