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जेल में अलर्ट, 25 शातिर अपराधियों पर कड़ी निगरानी

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रायबरेली। बागपत जिला कारागार में माफिया डान मुन्ना बजरंगी की हुई हत्या के बाद यहां की जेल की सुरक्षा को लेकर अफसर अलर्ट हो गए हैं। इसी को लेकर बाहरी जनपदों के यहां जेल में बंद 25 शातिर अपराधियों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। सोमवार को सभी बैरकों के साथ-साथ बंदियों की तलाशी कराई गई, ताकि सुरक्षा में किसी तरह की चूक न होने पाए। ड्यूटी पर तैनात जेल कर्मियों को मुस्तैद रहने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता बनाई जा सके।
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मौजूदा समय में जिला कारागार रायबरेली में 990 बंदी बंद हैं। इसमें से 25 ऐसे शातिर अपराधी हैं, जो बाहरी जनपदों सुल्तानपुर, बागपत, मुजफ्फरनगर, फतेहपुर, अमेठी, फैजाबाद आदि जिलों के रहने वाले हैं। मुन्ना बजरंगी की हत्या के बाद जेल की सुरक्षा को लेकर कोई चूक न होने पाए, इसके लिए खास कर इन 25 शातिर अपराधियों पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। जेल सूत्र बताते हैं कि यहां बंद बाहरी कई अपराधियों का नेटवर्क माफिया डान से जुड़ा है। मुन्ना बजरंगी की हत्या के बाद जेल अधीक्षक प्रमोद शुक्ला की अगुवाई में जेल की सभी बैरकों की गहन तलाशी कराई गई। साथ ही हर बंदी की तलाशी ली गई। तलाशी के जरिए यह जानने की कोशिश की गई है कि कहीं कोई शस्त्र तो नहीं रखा गया है।

जेल में कई खेमों में बंटे हैं बंदी
जेल में बंद बंदी भी यहां पर कई खेमे में बंटे हैं। जेल सूत्र बताते हैं कि कुछ शातिर बंदी अपना-अपना गुट बनाकर मनमाने ढंग से कार्य कर रहे हैं। कई बार जेलर ने इन बंदियों पर दबाव बनाने की कोशिश की तो बंदियों ने जेल की सुरक्षा में खलल डालने की कोशिश की। जेल प्रशासन ने इसे गंभीरता से लेते हुए कई बंदियों को दूसरे जिलों की जेलों में शिफ्ट करा दिया था। मुन्ना बजरंगी की हत्या के बाद जेलों की सुरक्षा को लेकर सवाल फिर खड़े हो गए हैं। ऐसे में यहां पर सुरक्षा को अलर्ट कर दिया गया है।
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बागपत जेल में मुन्ना बजरंगी की हुई हत्या के बाद जिला कारागार की सुरक्षा को अलर्ट कर दिया गया है। सभी बैरकों और उसमें बंद बंदियों की तलाशी करा ली गई है। बंदियों से मिलने वाले लोगों पर भी नजर रखी जा रही है। तलाशी के बाद मुलाकातियों की बंदी से मुलाकात कराई जाती है।
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- प्रमोद शुक्ला, जेल अधीक्षक
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