सदर बीट के कुरकुरी कुंआ गांव निवासी एक युवक सोमवार सुबह सरयू नहर के तट पर गया था। तभी नहर से निकले मगरमच्छ ने युवक का एक पैर दबोच लिया। पास पड़े एक डंडे के सहारे युवक ने 10 मिनट तक मगरमच्छ से संघर्ष किया, तब जाकर युवक की जान बची।
लोगों की मदद से उसे पीएचसी पहुंचाया गया। हालत गंभीर होने पर उसे सीएचसी मोतीपुर रेफर किया गया है। सूचना के बाद भी वनकर्मी गांव नहीं पहुंचे हैं।
कतर्नियाघाट संरक्षित वन क्षेत्र के कतर्नियाघाट रेंज अंतर्गत सदर बीट के कुरकुरीकुआं गांव निवासी हरेंद्र कुमार (35) सोमवार सुबह नित्यक्रिया के लिए सरयू नहर के तट पर गया था।
इसी दौरान नहर से निकले मगरमच्छ ने युवक के बाएं पैर को दबोच लिया। युवक ने पास में पड़े डंडे से 10 मिनट तक संघर्ष किया। शोर मचाया। इस पर मगरमच्छ उसे छोड़कर नहर में चला गया।
आसपास के लोग दौड़े। सभी ने घायल हरेंद्र को पीएचसी सुजौली पहुंचाया। वहां हालत गंभीर होने पर उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मोतीपुर रेफर कर दिया गया।
हरेंद्र के पिता भगवान ने घटना की सूचना रेंज कार्यालय पर दी। लेकिन कोई भी वनकर्मी मौके पर नहीं पहुंचा। इससे ग्रामीणों में रोष है।
सभी का कहना है कि सदर बीट की चौकी व रेंज कार्यालय के अधिकारी शिथिलता बरत रहे हैं। घायलों को मुआवजा तक नहीं दिया जा रहा है।