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किसान का शव रख ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन

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सरैंया (सीतापुर)। फाइनेंस कंपनी के दबंग कर्मचारियों द्वारा किसान की हत्या कर ट्रैक्टर लूटे जाने के मामले में परिवारीजनों व ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। रविवार को पोस्टमार्टम के बाद शव जब गांव पहुंचा, तभी परिवारीजनों व ग्रामीणों ने शव रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। परिवारीजन नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी व लूटे ट्रैक्टर को बरामद करने की मांग कर रहे थे। उनका कहना था कि जब तक आरोपी नहीं पकड़े जाएंगे, तब तक वे शव की अंत्येष्टि नहीं करेंगे। परिवारीजनों के साथ आसपास गांवों के सैकड़ों ग्रामीण भी प्रदर्शन में शामिल थे। सूचना मिलने पर प्रशासन व पुलिस के अधिकारी गांव पहुंचे। अधिकारी परिवारीजनों को समझाने का प्रयास कर रहे थे, लेकिन वे मानने को तैयार नहीं थे।
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रामपुर कलां थाना क्षेत्र के भौंरी गांव निवासी ज्ञानचंद्र (45) शनिवार को महमूदाबाद कोतवाली क्षेत्र में खेत में जोताई कर रहा था। इसी बीच एलएनटी फाइनेंस कंपनी के सुधीर, अमित व रामजी दो अज्ञात लोगों के साथ वहां पहुंचे और किसान ज्ञानचंद्र को बंधक बना लिया। उसके बाद उसे ट्रैक्टर से कुचलकर मार डाला और ट्रैक्टर लूटकर फरार हो गए थे। पुलिस ने इस मामले में हत्या व लूट आदि धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की है। रविवार को ज्ञानचंद्र का शव पोस्टमार्टम होने के बाद गांव पहुंचा। जैसे ही शव घर पहुंचा, परिवारीजन, रिश्तेदार व ग्रामीण भड़क उठे। उन्होंने इस मामले में कार्रवाई को लेकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारी आरोपियों की गिरफ्तारी व ट्रैक्टर बरामदगी की मांग कर रहे थे। वहीं कार्रवाई होने के बाद ही शव की अंत्येष्टि की बात कह रहे थे। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि वारदात के 24 घंटे बीत चुके हैं, इसके बावजूद पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया है। जब तक आरोपियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं होगी, तब तक न तो शव की अंत्येष्टि की जाएगी और न ही यह प्रदर्शन बंद होगा। प्रदर्शन की सूचना मिलते ही एएसपी मार्तंड प्रताप सिंह, एसडीएम रतीराम, सीओ जावेद अहमद महमूदाबाद व रामपुर कलां थाने की पुलिस टीम के साथ गांव पहुंचे। अधिकारी परिवारीजनों को समझाने का प्रयास कर रहे थे, लेकिन वे कार्रवाई के बाद हीं अंत्येष्टि की बात कह रहे थे। समाचार लिखे जाने तक भौंरी गांव में प्रदर्शन चल रहा था।

विधवा पेंशन व किसान दुर्घटना बीमा का लाभ देने का वादा
मौके पर पहुंचे अधिकारी, पीड़ित परिवार को हरसंभव मदद दिलाने का वादा कर रहे थे। एसडीएम रतिभान ने किसान की पत्नी ज्ञान देवी को विधवा पेंशन व किसान दुर्घटना बीमा का लाभ दिलाने का आश्वासन दिया, लेकिन पत्नी व परिवार के सदस्य कार्रवाई की ही मांग कर रहे थे।
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सर्द रात में जारी था हंगामा
ज्ञानचंद्र का शव उसके घर रामपुर कलां के भौंरी गांव पहुंच चुका था। रात गहराने के साथ ही कोहरे का प्रकोप बढ़ रहा था, जिससे मौसम सर्द हो रहा था। इसके बावजूद परिवार के सदस्य व ग्रामीण प्रदर्शन कर रहे थे। हो हल्ला के बीच पुलिस व प्रशासन के अधिकारी शांति बनाए रखने की अपील कर रहे थे। बावजूद इसके सर्द रात में हंगामा जारी था।

कर्मियों ने की उत्पीड़न की इंतिहां
ज्ञानचंद्र की मौत के बाद उसकी पत्नी ज्ञान देवी का रो-रोकर बुरा हाल था। पत्नी कह रही थी कि फाइनेंस कंपनी वालों ने उत्पीड़न की इंतिहां कर दी। कंपनी में काम करने वाला शख्स बीती दिसंबर में 35 हजार रुपये लेकर गया था, लेकिन कंपनी रुपये न मिलने की बात कह रही थी। इसके बावजूद सुधीर अपने कई अन्य साथियों के साथ वसूली करने के लिए आता था और किसान ज्ञानचंद्र को प्रताड़ित करता था। पत्नी का कहना था कि उसके पति के हत्यारों को सजा मिलने के बाद ही उसे व उसके बच्चों को सुकून मिलेगा। वहीं ज्ञानचंद्र की पुत्रियों का भी रो-रोकर बुरा हाल था। बड़ी पुत्री मूकबधिर है, जिसकी वजह से वह अपना दर्द खुलकर बयां भी नहीं कर पा रही थी।
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