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आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने हाईवे पर लगाया जाम -

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सीतापुर। आंदोलन के 42 दिन बाद भी कार्रवाई न होने से आक्रोशित आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सोमवार को सड़क पर उतर्र आइं। उन्होंने मानदेय बढ़ोत्तरी की मांग को लेकर पहले जिलाधिकारी कार्यालय का घेराव कर थाली बर्जाइं। उसके बाद लालबाग चौराहे पहुंचकर मार्ग जाम कर दिया। इसके बावजूद उनका गुस्सा शांत नहीं हुआ और हाईवे पर पहुंचकर सड़क जाम कर दी। इससे करीब एक घंटे तक यातायात प्रभावित रहा। जाम लगने से वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग गईं। सिटी मजिस्ट्रेट ने प्रदर्शनकारियों को शांत कराकर जाम खुलवाया। उसके बाद यातायात बहाल हो सका।
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महिला आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ के बैनर तले आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिकाएं मानदेय बढ़ाने सहित 13 सूत्री मांगों को लेकर 42 दिन से विकास भवन के समक्ष धरना-प्रदर्शन कर रही हैं। इतने दिन बीत जाने के बाद भी सरकार ने कोई कार्रवाई नहीं की है और न ही प्रदर्शनकारियों से वार्ता की। इससे आक्रोशित होकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पहले जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचीं। यहां पर खाली थाली बजाते हुए राज्य व केंद्र सरकार को जमकर कोसा। इसके बाद वह मुर्दाबाद के नारे लगाते हुए लालबाग चौराहा पहुंचीं। यहां पर मानव श्रंखला बनाकर करीब आधा घंटे तक चौराहा जाम कर दिया। इससे चौराहे पर वाहनों की आवाजाही बंद हो गई। ट्रैफिक पुलिस ने यातायात डायवर्जन करके किसी तरह जाम खुलवाया। उसके बाद वह हाईवे पर पहुंचीं और सड़क पर बैठकर प्रदर्शन करने लगीं। इससे दोनों तरफ से वाहनों का आवागमन बंद हो गया। कुछ ही देर में वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लगनी शुरू हो गईं। इसकी खबर पाकर सिटी मजिस्ट्रेट राकेश चंद्र पटेल व पुलिस ने प्रदर्शनकारियों से कई चरणों में वार्ता की और उनकी हरसंभव मदद करने का भरोसा दिलाया। इसके बाद वह शांत हो गईं। जाम की स्थिति यह थी कि आधे घंटे तक वाहन रेंगते हुए नजर आए। जिलाध्यक्ष नीतू सिंह ने कहा कि अब यह लड़ाई रुकने वाली नहीं है। आंदोलन की पूरी रणनीति तय कर ली गई है। मंगलवार को विकास भवन से लालबाग चौराहे तक मशाल जुलूस निकाला जाएगा। इस मौके पर दर्जनों आंगनबाड़ी कार्यकर्ता मौजूद रहीं।
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