राज्य सरकार डिप्लोमा इंजीनियरिंग के बढ़ते क्रेज को देखते हुए
पॉलीटेक्निक में विभिन्न कोर्स की 13,800 सीटें बढ़ाने जा रही है।
यह सीटें
8 नए सरकारी और 13 नए निजी पॉलीटेक्निक के साथ कुछ पुराने संस्थानों में
बढ़ेंगी। बढ़ी हुई सीटों पर नए सत्र में प्रवेश दिया जाएगा।
प्रदेश में इस
समय एक लाख 10 हजार सीटें हैं। बढ़ने के बाद 1,23,800 सीटें हो जाएंगी।प्रदेश
में डिप्लोमा इंजीनियरिंग का महत्व बढ़ने के पीछे मुख्य वजह यह है कि दो
वर्षीय डिप्लोमा करने वाले को बीटेक द्वितीय वर्ष में सीधे प्रवेश दिया
जाता है।
इसके चलते छात्र हाईस्कूल करने के बाद पहले डिप्लोमा करते हैं
इसके बाद सीधे बीटेक द्वितीय वर्ष में दाखिला ले लेते हैं। इससे उनका साल
भी खराब नहीं होता और बीटेक की डिग्री जल्द मिल जाती है।
प्रदेश में मौजूदा
समय 91 सरकारी, 19 सहायता प्राप्त और 294 निजी पॉलीटेक्निक हैं।
निजी
क्षेत्र में पॉलीटेक्निक खोलने के लिए अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद से
मान्यता लेने के लिए प्राविधिक शिक्षा परिषद से संबद्धता लेनी पड़ती है।
इस
बार निजी क्षेत्र में 13 नए संस्थानों को पॉलीटेक्निक खोलने के लिए
संबद्धता दी जा रही है।