लखनऊ। गोमती नदी को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए सोमवार को मंडलायुक्त डॉ. रोशन जैकब की अध्यक्षता में कमिश्नर कार्यालय में बैठक हुई। जल निगम के अफसरों ने बताया कि गोमती में 730 मिलियन लीटर पानी रोजाना डिस्चार्ज होता है, जिसमें से 600 मिलियन लीटर प्रतिदिन शोधित होता है। इस पर मंडलायुक्त ने शेष 130 एमएलडी के गैप को भरने के लिए सिस्टम बनाकर काम करने के लिए कहा।
बैठक में बताया गया कि गोमती नदी में 32 नालों का पानी गोमती में आकर गिरता है। इसमें 26 नाले टैप्ट हैं। इस पर मंडलायुक्त ने शेष 6 नालों को भी टैप्ट करने को कहा। मंडलायुक्त ने कहा कि गोमती नदी में कूड़ा न जाने पाए। इसकी नियमित रूप से नगर निगम सफाई कराता रहे। जिन नालों का पानी गोमती में गिर रहा है, उन पर ग्रिल लगाने की बात कही। मंडलायुक्त ने कहा कि पांच किमी कुकरैल नदी की सफाई की गई है। नगर निगम व एलडीए यहां पर पवित्र धारा कार्यक्रम के तहत पौधरोपण कराए। बैठक में एलडीए वीसी प्रथमेश कुमार, नगर आयुक्त गौरव कुमार समेत अन्य अफसर मौजूद रहे।