लखनऊ। चांदेबाबा तालाब के क्षेत्र में झील विकसित की जाएगी। इस संबंध में सरकार एनजीटी को कार्ययोजना सौंपेगी। वहीं, वहां रहने वाले लोगों को फिलहाल राहत मिल गई है। उनके विस्थापन पर आठ अक्तूबर तक रोक लगा दी गई है। सरोजनीनगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने एनजीटी में लोगों की तरफ से पक्ष रखा। सुनवाई के बाद एनजीटी ने राहत दी।
दरअसल, सरोजनीनगर इलाके में स्थित चांदेबाबा तालाब के एक हिस्से में सैकड़ों परिवार लंबे समय से रह रहे हैं। करीब चार साल पहले हुई शिकायत का संज्ञान लेकर पिछले साल एनजीटी ने इस क्षेत्र को खाली करवाने और लोगों को विस्थापित करने का आदेश दिया था। विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह तब से मामले की सुनवाई में शामिल होकर पक्ष रख रहे हैं।
सोमवार को भी वह सुनवाई में शामिल हुए। डॉ. सिंह ने तालाब क्षेत्र के पास रहने वाले गरीब अनुसूचित जाति परिवारों की ओर से मजबूती से पैरवी की, जिन पर विस्थापन का खतरा मंडरा रहा था। जिस हिस्से में परिवार रह रहे हैं, वह क्षेत्र 3.1 हेक्टेयर है। फिलहाल इनके विस्थापन पर रोक लगा दी गई है। साथ ही एनजीटी ने शेष 31 हेक्टेयर तालाब क्षेत्र को एक झील के रूप में विकसित करने का आदेश दिया है, जिसमें चारों ओर पौधरोपण और हरियाली की व्यवस्था होगी।
झील में वर्षभर जल संरक्षण सुनिश्चित करने के लिए उसे छोटी नहरों से जोड़ने की भी संभावनाएं तलाशी जाएंगी। एनजीटी के इस आदेश पर विधायक ने कहा कि यह केवल कानूनी विजय नहीं, सामाजिक और पर्यावरणीय न्याय का मिला-जुला उदाहरण है।